संजू चौधरी, शिमला: आज बिलासपुर में आयोजित हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भीड़ जुटाने के लिए और लोगों को बिलासपुर पहुंचाने के लिए एचआरटीसी बसों का इस्तेमाल किया गया। मंगलवार रात को ही एचआरटीसी की बसें बिलासपुर और कुल्लू रवाना हो गई थी, ऐसे में राजधानी शिमला में बसे ना मिलने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वैसे तो आज दशहरे की छुट्टी थी बावजूद इसके भी बाजार आने जाने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शिमला के टूटीकंडी, आईएसबीटी,लक्कड़ बाजार बस स्टैंड और ढली, रोहडू, रामपुर और चौपाल में लोग बस के इंतजार में खड़े रहे लेकिन बसें उन्हें नहीं मिली। एचआरटीसी की बसें न चलने से निजी बसों में भारी भीड़ देखी गई। बसों की किल्लत के चलते लोग अपने प्राइवेट वाहनों का प्रयोग कर रहे हैं। एचआरटीसी प्रबंधन की माने तो बसे बुधवार रात को ही वापस लौटेगी ऐसे में वीरवार को 11 बजे तक सभी रूटों पर बसें सुचारू रूप से चल पाएगी। एचआरटीसी ने 561 बसें पीएम की रैली के लिए भेजी है।
लोगों का आरोप है कि त्योहारों के दौरान सबसे ज्यादा लोग एचआरटीसी की बसों में सफर करते हैं। ऐसे में इस तरह से राजनीतिक दलों की रैलियों में बसों को भेजना तर्कसंगत नहीं है। एचआरटीसी को आने वाले दिनों में राजनैतिक रैलियों के लिए बसें नहीं भेजनी चाहिए।
लोगों का कहना है कि शिमला शहर में प्राइवेट बसें चलती है लेकिन ग्रामीण रूटों पर सिर्फ एचआरटीसी की बसें चलती हैं। ऐसे में लोगों को अपने घर से आने और जाने में दिक्कत होती है।
561 बसें पीएम रैली में व्यस्त
शिमला डिपो से 102 बसें रैली के लिए भेजी गई है। शिमला ग्रामीण डिपो से 57, तारादेवी डिपो 76, रामपुर डिपो 64, रोहडू डिपो 50, रिकांगपिओ 35, करसोग , नाहन , सोलन , परवाणू की बसों को मिलाकर कुल 561 बसें रैली के लिए भेजी गई हैं ।
