शिमला, संजू- :मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष के अंत तक राज्य के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उनके अपने राज्य में ही उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर उपचार के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भरता कम हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार आधारभूत ढांचे और मानव संसाधन दोनों क्षेत्रों में निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि विभाग में चिकित्सकों, पैरामेडिकल कर्मचारियों तथा अन्य आवश्यक स्टाफ की कमी दूर करने के लिए हजारों पदों पर भर्ती की जा चुकी है, जबकि कई अन्य पदों को भरने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होने से अस्पतालों में मरीजों को अधिक प्रभावी और समयबद्ध सेवाएं मिल सकेंगी।बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर तथा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान, चमियाणा में अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जिनके लिए सरकार ने 75 करोड़ रुपये जारी किए हैं।उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी) शिमला में पीईटी स्कैन मशीन स्थापित कर दी गई है, जबकि टांडा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों में भी पीईटी स्कैन मशीनें स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही विभिन्न पैरामेडिकल श्रेणियों के 71 पदों तथा 50 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त पैरामेडिकल कर्मचारियों के 162 नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक बैच में 60 विद्यार्थियों की क्षमता सुनिश्चित की जाए। आईजीएमसी शिमला में तीन नए लेक्चर थिएटर और एक परीक्षा भवन के निर्माण के लिए 5.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि टांडा मेडिकल कॉलेज में नए लेक्चर थिएटर के निर्माण हेतु अतिरिक्त 14.13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।उन्होंने बताया कि एआईएमएसएस चमियाणा में 23.75 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक तथा 42 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त ब्लॉक का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि आधुनिक अधोसंरचना, उन्नत तकनीक और पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने के बाद प्रदेश के लोगों को अपने घर के निकट ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
बैठक में महाधिवक्ता अनुप रतन, प्रधान सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर, विशेष सचिव डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
