मतदाता सूची से नाम काटने पर उठाए सवाल, राहुल गांधी की याचिका का किया जिक्र
नूृूरपुर /संजीव -:उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद पर रहते हुए इस विवाद का समाधान निकलना मुश्किल है। अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर चुनावी व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार देता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह अधिकार जनता की भागीदारी और सरकार चुनने की स्वतंत्रता का आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के दौरान गलत तरीके से नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे अनेक लोग अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने करीब 13 करोड़ लोगों के मताधिकार पर असर पड़ने से जुड़े दावे का उल्लेख करते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता जताई। उनका कहना था कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और प्रत्येक पात्र मतदाता को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिलना चाहिए। किसी भी नागरिक का नाम गलत तरीके से सूची से हटना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि मताधिकार की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। अग्निहोत्री के मुताबिक, राहुल गांधी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है। हालांकि, याचिका और उससे जुड़ी कानूनी कार्यवाही के विवरण की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।अग्निहोत्री ने कहा कि मताधिकार की सुरक्षा के लिए इस मुद्दे को व्यापक जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि उसकी जिम्मेदारी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराना है। आयोग की कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है।उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित रहना चाहिए। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा होना चाहिए, ताकि किसी भी योग्य मतदाता को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित न होना पड़े।

