नूरपुर, संजीव महाजन-:पीएम श्री बीटीसी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नूरपुर में पर्यावरण दिवस जागरूकता और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने प्रकृति की सुरक्षा, प्रदूषण की रोकथाम और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के सह प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने की।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पर्यावरण से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ जीवन का आधार है। उन्होंने पेड़ों की कटाई, प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग, जल प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की। विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने, पेड़ों की रक्षा करने, पानी और बिजली की बचत करने तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का प्रण लिया। साथ ही, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करने और पर्यावरण अनुकूल आदतों को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश भी दिया गया।
स्वच्छ पर्यावरण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : विनोद कुमार
विद्यालय के सह प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ वायु, शुद्ध जल और सुरक्षित वातावरण प्रत्येक व्यक्ति के स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक हैं। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रकृति के संरक्षण के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। छोटे-छोटे प्रयासों से भी पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता जरूरी : शेलजा
विद्यालय की अध्यापिका शेलजा ने भी विद्यार्थियों को पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है। विद्यार्थी अपने परिवार और समाज में भी स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचा सकते हैं।कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि प्रकृति की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। सभी के सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाया जा सकता है।
