विकास शर्मा, चिंतपूर्णी(TSN): खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है अल्लामा इक़बाल के यह शब्द पंजाब के अमृतसर जिला के 75 वर्ष के बुजुर्ग श्रद्धालु रामलाल पर बिल्कुल सटीक बैठते हैं, जो अक्टूबर माह में ठंड के दिनों में शरीर की परेशानियों और वृद्धावस्था को दरकिनार कर मां चिंतपूर्णी के दरबार में दंडवत होकर हाजिरी भरने पहुंचे हैं। इस दंडवत यात्रा के दौरान उनका पुत्र गोपाल दास और धर्मपत्नी सीता रानी भी मदद कर रही हैं।
जब इस बारे में बुजुर्ग श्रद्धालु रामलाल से बात की तो उन्होंने बताया कि यह मां चिंतपूर्णी के दरबार में उनकी चौथी दंडवत यात्रा हैं। पहली दंडवत यात्रा भाई के संतान के लिए आज से 20- 25 साल पहले की थी। दूसरी यात्रा पुत्री को माता निकल गई थी इसके बाद उसके स्वस्थ होने के कामना में की थी। तीसरी यात्रा परिवार में सुख शांति के लिए की थी और अब चौथी यात्रा पौत्र कोई काम काज शुरू कर दे इसलिए वह कर रहे हैं। उड़ने कहा कि उनकी मां चिंतपूर्णी पर अटूट आस्था और श्रद्धा है यही वजह है कि माता रानी उनकी हर मनोकामना को पूरी करती हैं।
