कुल्लू / मनमिन्दर अरोड़ा – पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए देशभर की कई नामी स्वंयसेवी संस्थाओं और संगठनों द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर ऑनलाइन व ऑफलाइन कार्यक्रम प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है। इसी कड़ी में भारत की स्वयं सिद्धा संस्था और इंडियन ऑयल के संयुक्त तत्वावधान में विश्वभर के आम लोगों को मानव जीवन में पर्यावरण के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए एक ऑनलाइन प्रशनोत्री प्रतियोगिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।हिमाचल प्रदेश से मात्र दो छात्राओं घमलेशवरी और रीतिका विष्ट ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सबसे सही और उम्दा जवाब देने पर जिला कुल्लू उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी से सम्बन्ध रखने वाली घमलेशवरी ने क्विज प्रतियोगिता का स्पेशल ज्यूरी अवार्ड 2022 हासिल किया ।
तीर्थन घाटी की ग्राम पंचायत कलवारी के ननौट गांव से एक साधारण एवं गरीब परिवार से सम्बन्ध रखने वाले चरण सिंह और गंगा देवी की पुत्री घमलेशवरी इस समय स्त्रोत फाउंडेशन द्वारा संचालित नेशनल ओपन स्कुल शाइरोपा से 10+2 की पढ़ाई कर रही है। इसके माता पिता मेहनत मजदूरी करके अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा देने का प्रयास कर रहे है। घमलेशवरी ने अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में अवॉर्ड जीत कर न केवल हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया बल्कि अपनी तीर्थन घाटी का नाम भी रोशन किया है। अवॉर्ड जीतने की खुशी में इसके रिश्तेदारों, अभिभावकों और शिक्षकों सहित घाटी में खुशी का माहौल बना हुआ है। लोग इस बेटी के उज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी में स्वयंसेवी संस्था स्त्रोत रूरल एजुकेशन एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा यहां के स्थानीय जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा के साथ साथ अन्य कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। घमलेशवरी ने इस प्रतियोगिता में मिली सफलता का श्रेय अपने शिक्षक पार्थ फालके, मैडम दिवांशी शाह और अपनी माता गंगा देवी को दिया है।
स्वयं सिद्धा संस्था की सदस्य डॉक्टर शिखा त्रिपाठी ने जानकारी बताया कि इनकी संस्था हर वर्ष पर्यावरण पर जागरुकता कार्यक्रम प्रतियोगिता आयोजित करते आ रहे है।। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन तरीके से आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से विभिन्न स्कूलों के 206 विद्यार्थियों के अलावा अमेरिका और कनाडा देश से भी कुछ बच्चों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया है।
डॉक्टर शिखा त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्र छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे सभी प्रतिभागिओं से ऑनलाइन प्रश्न पूछे गए थे जिसका लिखित में जवाब देना था। इस दौरान सभी विद्यार्थियों ने अपने अपने स्टीक जवाब दिए।
