संजु चौधरी,शिमला: शिमला में नगर निगम चुनाव को लेकर सियासत गरमाई हुई हैं। इन चुनावों में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच में कड़ा मुकाबला होता हुआ नजर आ रहा हैं। यही वजह भी है कि अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए बड़े नेता भी चुनावी मैदान में उतरे हुए हैं। इसी बीच बीजेपी विधायक व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अमित ने परमार के एक बयान ने राजनीतिक मुद्दे को और गरमा दिया हैं।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के चुनावों को कांग्रेस पार्टी प्रभावित करने की कोशिश हो रही हैं। कांग्रेस गारंटियों को पूरा तो कर नहीं कर पा रही हैं। कांग्रेस के दिग्गज कह रहे हैं कि कांग्रेस में उनका गला घुट रहा हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी नगर निगम में भी फिर से बहुमत से काबिज होगी और निगम चुनावों के बाद प्रदेश में भी उनकी सत्ता लौटेगी। हालांकि कांग्रेस के विधायकों के बीजेपी से संपर्क में होने का सवाल वो टाल गए। उन्होंने कहा कि वह मौका आने पर बताएंगे की कितने विधायक उनके संपर्क में हैं।
विपिन परमार ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि शिमला में ज्यादा समय तक कांग्रेस का दबदबा रहा लेकिन यहां हिल्स क्वीन में जो काम होना चाहिए था नहीं हुआ। स्मार्ट सिटी पीएम और जयराम ठाकुर की देन हैं। कांग्रेस शिमला के लिए पानी और अन्य योजनाओं की बात कर रही हैं, यह सब बीजेपी की देन है। पर्वतमाला और पानी की योजना बीजेपी लेकर आई हैं।
उन्होंने कहा कि पांच लाख रोजगार देने की बात करने वालों ने व्यवस्था परिवर्तन की सरकार ने करोना काल में सेवाएं देने वालों को बाहर का रास्ता दिखा दिया हैं। कैबिनेट सब कमेटी की मीटिंग में फैसला लिया गया जिसमें दूर दराज के क्षेत्रों में बिना इंटरव्यू के अध्यापकों के पद भरने के लिए ड्राफ्ट तैयार किया गया लेकिन अगले ही दिन मुख्यमंत्री इसको नकार देते हैं। सीएम और मंत्रिमंडल के बीच कोई तालमेल नहीं है। कांग्रेस ने राजधर्म की धज्जियां उड़ाई हैं।
