अनिल कुमार,किन्नौर: जनजातीय जिला किन्नौर में लगातार तीन दिनों से मौसम गर्म हो चुका है जिसके चलते जिला किन्नौर की पहाड़ियों पर ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ग्लेशियर पिघलने से जिला किन्नौर के छोटे-बड़े नदी नाले उफान पर है तो ज़िला किन्नौर के मध्य बहने वाली सतलुज नदी का जलस्तर भी दो गुना तेज़ी से बढ़ चुका हैं। बढ़ते जलस्तर के चलते सतलुज नदी के किनारे जगह-जगह भूमि कटाव भी होने लगा हैं जिससे खतरा बढ़ गया हैं। ज़िला किन्नौर में सतलुज के जलस्तर बढ़ने के बाद नदी के आसपास तेज़ हवाएं व नदी उफान मार रही हैं जिसके नजदीक जाने पर जानमाल का खतरा भी हो सकता हैं। लिहाजा प्रशासन ने लोगों को नदी समीप जाने ना जाने की अपील की हैं।
किन्नौर ज़िला के मध्य बहने वाली सतलुज नदी के जलस्तर बढ़ने के बाद पोवारी स्थित जलविद्युत् परियोजना के 450 मेगावाट टनल समीप बांध के निर्माण कार्य स्थल पर भी भारी नुकसान हुआ है और बढ़ते जलस्तर के बहाव में बांध नदी में डूब चूका है और बांध का सामान भी टूट चूका हैं, फिलहाल प्रशासन ने सतलुज नदी जहां परियोजना का कार्य चला है उसे रोक दिया गया हैं। मजदूरों को नदी से दूर कर कार्य को रोका गया है ताकि बढ़ते जलस्तर में बहने से किसी के जानमाल का नुकसान हो।
ज़िला में बढ़ती गर्मी के चलते पहाड़ो पर ग्लेशियर तेज़ी से पिघल रहे है लिहाजा ज़िला के छोटे बड़े नदी नालों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा हैं। नदी नालों में तेज हवाएं ओर नदी की लहरें आंखों को काट रही हैं तो नदी के जलस्तर की लहरें जगह जगह भूमि कटाव कर रही हैं जिससे कई सड़को के क्षति होने की संभावनाएं भी बढ़ गई।
