Shimla, Sanju (TSN)-हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक और ट्रेकिंग स्थल चूड़धार में अब पर्यटकों से यूजर चार्ज लिया जाएगा। बढ़ती भीड़ और उससे पैदा हो रही कूड़े-कचरे की समस्या के समाधान और पर्यावरण संरक्षण के लिए यह कदम उठाया गया है। वन विभाग के अनुसार, हर साल अप्रैल से नवंबर के बीच एक से डेढ़ लाख लोग चूड़धार पहुंचते हैं, जिससे न केवल वनों पर दबाव बढ़ता है, बल्कि हिमालयी जैव विविधता को भी खतरा होता है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई शुरुआत
यूजर चार्ज की शुरुआत हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है, जिसमें कहा गया था कि पर्यटन स्थलों पर पर्यावरणीय दबाव को कम करने और संसाधनों के विकास में उपयोग हेतु शुल्क वसूला जाए। यह राशि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छ शौचालय, पीने के पानी की व्यवस्था, आश्रय स्थल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास में खर्च की जाएगी।
शिमला वाइल्डलाइफ डिवीजन के डीएफओ शाहनवाज भट्ट ने बताया कि शुल्क प्रणाली के साथ हर आगंतुक का डेटा भी रिकॉर्ड किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में निगरानी और आपातकालीन स्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी। शिमला, सोलन और सिरमौर के स्थानीय लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। अन्य हिमाचलियों को 20 रुपये और बाहरी पर्यटकों को 50 रुपये चुकाने होंगे। विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क 200 रुपये निर्धारित किया गया है। ट्रैकिंग, टेंटिंग, कैमरा और शूटिंग आदि के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं।स्थानीय पंचायतें, मंदिर समिति और स्वयंसेवी संस्थाएं इस पहल में वन विभाग का सहयोग कर रही हैं। यूजर चार्ज से होने वाली आय से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे, जो गाइड, सफाई कर्मचारी, कैंप स्टाफ आदि के रूप में काम करेंगे।
