शिमला /संजू -:शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए बड़ी वित्तीय कार्रवाई की है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में नशा तस्करी से अर्जित करीब 2 करोड़ 28 लाख रुपये की चल और अचल संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई वित्तीय जांच (फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन) के आधार पर की गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने नशे के कारोबार से कमाए गए धन से संपत्तियां खरीदी थीं।
पहला मामला कोटखाई थाना क्षेत्र का है, जो सितंबर 2024 में दर्ज किया गया था। इस मामले में 17 आरोपियों की आर्थिक जांच के दौरान सामने आया कि उन्होंने नशा तस्करी से अर्जित धन से 16 वाहन, दो आवासीय फ्लैट और एक रिहायशी भवन खरीदा था। इन सभी संपत्तियों की अनुमानित कीमत 2 करोड़ 5 लाख रुपये है। जांच में पाया गया कि यह संपत्ति आरोपियों की वैध आय के अनुरूप नहीं थी, जिसके बाद पुलिस ने सभी संपत्तियों को जब्त कर लिया।दूसरा मामला बालूगंज थाना का है। अप्रैल 2026 में तारा देवी रोड पर पुलिस ने एक आरोपी के पास से 8 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। जांच के दौरान एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। वित्तीय जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी ने नशे के कारोबार से कमाए धन से एक प्लॉट और एक कार खरीदी थी। इन संपत्तियों की कुल कीमत 23 लाख 23 हजार रुपये आंकी गई, जिन्हें भी पुलिस ने जब्त कर लिया।
एएसपी मेहर पंवर ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक छह मामलों में 24 आरोपियों की 4 करोड़ 11 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है, जो प्रदेश में किसी भी जिला पुलिस द्वारा की गई सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई है। पुलिस का कहना है कि अब नशा तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति को भी जब्त कर उनके आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
