शिमला -:प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने प्रदेश सरकार पर उद्योग और शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण हिमाचल का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर उद्योग, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
समरहिल में आयोजित “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए डॉ. सिकंदर कुमार ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भाजपा ने प्रदेश के प्रत्येक बूथ पर 25 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश के करीब 8,000 बूथों पर दो लाख से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बल्क ड्रग पार्क के लिए उद्योगों को तीन रुपये प्रति यूनिट बिजली देने जैसे दावे कर रही है, लेकिन केवल रियायती बिजली की घोषणा से निवेश आकर्षित नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि उद्योगों को स्थिर नीतियां, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, बेहतर आधारभूत ढांचा और पारदर्शी प्रशासन की आवश्यकता होती है। इन सुविधाओं के अभाव में निवेशक प्रदेश से दूरी बना रहे हैं।शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के संचालन के लिए शिक्षकों को अपनी जेब से अस्थायी शिक्षक रखने पड़ रहे हैं, जो सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाता है। यदि शिक्षकों को ही सरकारी जिम्मेदारियां निभानी पड़ें तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण को समान प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सेवा, सुशासन और सतत विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है, जबकि प्रदेश सरकार केवल घोषणाओं और प्रचार तक सीमित है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता भविष्य में विकास और सुशासन के पक्ष में अपना निर्णय देगी।
