चिंतपूर्णी,विकास-:शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में प्रस्तावित रोपवे परियोजना को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ती नजर आ रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा और चिंतपूर्णी में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग की टीम ने वीरवार को बाबा श्री माई दास सदन से मंदिर परिसर तक प्रस्तावित रोपवे मार्ग का साइट सर्वे किया।
सर्वे की अगुवाई PWD के एसडीओ सुरेश कुमार ने की। विभाग की जेई अनुराधा, जेई रजत सियाल समेत तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रस्तावित रोपवे के पिलर प्वाइंट्स का निरीक्षण किया। टीम ने सड़क की स्थिति, पिलर लगाने के लिए उपलब्ध स्थान और आसपास की जमीन से जुड़े पहलुओं की जांच की।
तीन प्रमुख बिंदुओं पर रहा फोकस
सर्वे के दौरान विभाग ने मुख्य रूप से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि रोपवे के प्रस्तावित पिलरों से नेशनल हाईवे और चिंतपूर्णी-तलवाड़ा संपर्क मार्ग पर यातायात प्रभावित न हो। इसके साथ ही सड़क की मौजूदा चौड़ाई और भविष्य में होने वाले संभावित विस्तार को भी ध्यान में रखा गया।वहीं, प्रस्तावित पिलर प्वाइंट्स की जमीन मंदिर न्यास, लोक निर्माण विभाग या निजी स्वामित्व में है, इसका सत्यापन भी किया गया।
श्रद्धालुओं को मिल सकती है बड़ी राहत
नवरात्र मेलों और अन्य प्रमुख धार्मिक अवसरों पर चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। बाबा श्री माई दास सदन के आसपास भीड़ बढ़ने से कई बार यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में प्रस्तावित रोपवे के निर्माण से मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को वैकल्पिक और सुविधाजनक साधन मिलने की उम्मीद है।
विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और चलने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए रोपवे सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इसके अलावा मंदिर क्षेत्र में वाहनों और पैदल श्रद्धालुओं के दबाव को कम करने में भी परियोजना मददगार हो सकती है।
सर्वे रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
PWD के एसडीओ सुरेश कुमार के अनुसार साइट का प्रारंभिक सर्वे पूरा कर लिया गया है। अब सर्वे से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों और संबंधित रोपवे कॉर्पोरेशन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर परियोजना के अगले चरण की औपचारिकताएं आगे बढ़ाई जाएंगी।रोपवे परियोजना के धरातल पर उतरने से चिंतपूर्णी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भविष्य में बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
