अरविंदर सिंह, हमीरपुर: प्रदेश में भारी बारिश के चलते आई आपदा में करोड़ों का नुकसान हो चुका हैं। पहले जहां इस नुकसान का आंकलन 8 हजार करोड़ के करीब किया जा रहा था तो वहीं बीते तीन-चार दिनों में प्रदेश में हुई भारी बारिश के चलते हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं। आपदा में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गवां दी है तो वहीं क़ई लोग बेघर हो गए हैं। ऐसे में कांग्रेस की ओर से प्रदेश में आई इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग और केंद्र सरकार से की जा रही हैं। वहीं कांग्रेस की इस मांग पर भाजपा की ओर से उन्हें नियमों की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी जा रही हैं।
राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि केंद्र सरकार नियमों के तहत ही किसी आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करती हैं और पूर्व की यूपीए सरकार के समय ही नियमों को बनाया गया था जिसकी सही जानकारी कांग्रेस को लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल में हुई भारी तबाही को लेकर राहत किस्त जारी कर दी हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में सतलुज नदी में पानी की बढ़ोतरी के चलते भी काफी आपदा हुई थी तब भी सरकार ने आपदा राहत मैनुअल के तहत ही निर्धारित राशि आबंटित की थी । उन्होंने कहा कि केंद्र की टीम की ओर से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट तैयार की गई है उसी के आधार पर केंद्र सरकार राहत राशि जारी करेगी।
उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश को हर संभव मदद मुहैया करवाई गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क संपर्क मार्गों के पुनर्निर्माण को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी सरकार को हर संभव मदद देने की बात की हैं।
