कमल भारद्वाज, शिमला: देश सहित प्रदेश में एक बार फिर से कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं प्रदेश में भी इन मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है जिस पर चिंता हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से भी जताई गई हैं। कोरोना के मामलों में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए अब मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने का भी आग्रह किया हैं,जिससे इस वायरस को फैलने से रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने इंडियन एसोसिएशन ऑफ पार्लियामेंटेरियन ऑन पॉपुलेशन एंड डेवलपमेंट (आईएपीपीडी) की ओर से आयोजित ‘भारत में महामारी के दौरान और उसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए हिमाचल प्रदेश के विधायकों की मजबूत भूमिका’ विषय पर आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और अब समाज को कोरोना वायरस के साथ जीना सीखना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार लोगों को विशेष चिकित्सा देखभाल सेवाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में आवश्यक सुधार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन सुधारों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों को विश्व स्तरीय बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का समावेश किया जाएगा ताकि लोगों को घर-द्वार पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज टांडा और आईजीएमसी शिमला में अगले छह महीनों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इससे न केवल मरीजों के कीमती समय की बचत होगी बल्कि इससे सटीक परिणाम भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में पैट ब्लॉक का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में पैट स्कैन मशीन लगाने के लिए 50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आईजीएमसी शिमला में ट्रॉमा सेंटर के साथ 175 बिस्तरों वाली चिकित्सा आपातकालीन सुविधा स्थापित करने के लिए सरकार ने 11 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा कि चंबा और हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है और इस वर्ष इनके पूरा होने की संभावना हैं, जिससे इन क्षेत्रों के लोगों को घर के नजदीक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने व्यवस्था में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के दृष्टिगत स्वास्थ्य संस्थानों में दवाइयां, उपकरण और मशीनरी की खरीद के लिए चिकित्सा सेवा निगम का भी गठन किया हैं ।
