सोलन:योगेश शर्मा (TSN)- नगर निगम सोलन में 12 अक्टूबर के बाद खाली चल रहे मेयर डिप्टी मेयर के पद आज भर चुके है। लेकिन कांग्रेस बहुमत में होने के बाद भी दोनो सीटों पर कब्जा नही कर पाई है। ऐसे में मेयर की सीट पर कांग्रेस जबकि डिप्टी मेयर की सीट पर भाजपा ने कब्जा किया ।
कांग्रेस से नाराज चल रही उषा शर्मा बनी मेयर
नगर निगम सोलन में कांग्रेस की ओर से सरदार सिंह ठाकुर का नाम मेयर के लिए गया था, लेकिन बन्द कमरे में चली वोटिंग के दौरान कांग्रेस से नाराज चल रही पार्षद उषा शर्मा ने मेयर पद का नामांकन भरा, इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के ही पार्षद सरदार सिंह ने मेयर पद का नामांकन भरा, इस दौरान वोटिंग हुई तो उषा शर्मा को 11 वोट पड़े और सरदार सिंह को 6 वोट मिले। वहीं दूसरी तरफ डिप्टी मेयर के लिए कांग्रेस की ओर से संगीता और भाजपा की ओर से मीरा आनंद ने नामांकन भरा, जिसमे वोटिंग के दौरान संगीता को 5 वोट मिले और मीरा आनंद को 12 वोट मिले।
मंत्री जी के साथ चलने वाली मंडली करती हैं उन्हें गुमराह -मेयर
मेयर बनने के बाद उषा शर्मा ने कहा कि मंत्री शांडिल के साथ एक ऐसी मंडली चलती है जो उन्हें कुछ भी सुनने और देखने नहीं देती है । ऐसे में मजबूरी में आकर उन्हें मेयर पद का नामांकन भरना पड़ा,मंत्री जी के साथ चलने वाली मंडली उन्हें गुमराह करती है। उन्होंने कहा कि उनके साथ कांग्रेस के ही पार्षद सरदार सिंह मेयर पद के लिए नामांकन भरने के लिए आए थे,उन्हें 6 वोट मिले हैं और उन्हें 11 वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि वह मिलजुल कर इस नगर निगम में विकास कार्य को तेजी देंगे।
भाजपा कांग्रेस दोनों मिलकर करेंगे काम -डिप्टी मेयर
वहीं डिप्टी मेयर बनने के बाद मीरा आनंद ने कहा कि वह पिछले 30 सालों से राजनीति में है, ऐसे में आज निगम के डिप्टी मेयर के रूप में उन्होंने जीत हासिल की है और उन्हें इसमें 11 वोट मिले हैं ।उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस दोनों ही मिलकर इस नगर निगम को चलाने वाली हैं जिसमें विकास कार्य तेजी से होंगे।
बीजेपी के साथ किया गठबंधन
बता दे की नगर निगम सोलन में आज कांग्रेस के 9 पार्षदों में से चार पार्षद नाराज चल रहे थे,जिन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन किया और अपना उम्मीदवार कांग्रेस के ही उम्मीदवार के खिलाफ उतार दिया । इसमें भाजपा को फायदा मिला है,जिस कारण भाजपा को डिप्टी मेयर की सीट मिली है । इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने अपने मत का प्रयोग किया, लेकिन उनका मत भी इस दौरान चुनाव में काम नहीं आया है।
