हिमाचल :चन्द्रिका- देश की आर्थिकी और अन्न के भंडार को पूरा करने वाला अन्नदाता किसान है,हालांकि किसानों को बेमौसमी बारिश,प्राकृतिक आपदा,जंगली जानवरो से फसलों के नुकसान और बाजार में फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने जैसी समस्या से अक्सर दो चार होना पड़ता है । इन समस्याओं के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना की शुरुआत की है ।
हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना मुख्य रूप से बंदरों और जंगली जानवरों के हमले से फसल की संरक्षण के लिए है । ये योजना सब्जी उत्पादक किसानों को उनकी फसलों को प्राकृतिक आपदा से व ओलावृष्टि से बचाने के लिए हैं ।यह योजना किसानों को नए उत्पादकता प्रोत्साहन एवं तकनीकों के उपयोग से अधिक उत्पादन दर्शाने की सुविधा प्रदान करती है।इस योजना से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और उन्हें उनकी खेती से अधिक लाभ प्राप्त होता है।
Benefits given for farmers
हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्ति को कृषकों को सौर फेंसिंग लगाने पर 80% अनुदान प्रदान करती है और समूह आधारित सौर फेंसिंग लगाने पर 85% अनुदान।
किसानों को एन्टी-हेल नेटस की खरीद के लिए 80% अनुदान पर अधिकतम 5 हजार वर्ग मीटर तक का लाभ।
पॉली हाउस स्थापित करने के 5 साल बाद या प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले क्षति के बाद, किसानों को पॉली शीट के बदले के लिए 70% अनुदान।
मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक किसान को हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है।
Documents required to avail benefits
हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज़ होना अनिवार्य है ।
आधार कार्ड।
स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
बैंक खाते का विवरण।
भूमि सम्बंधित दस्तावेज़।
How to apply for this scheme
मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के लिए आवेदक आवेदन स्वयं कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश पोर्टल द्वारा कर सकता है।
सबसे पहले तो आवेदक को कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा।
पंजीकरण हो जाने के पश्चात आवेदक को मिले लॉगिन आईडी और पासवर्ड से पोर्टल पर लॉगिन करना होगा।
इसके बाद आवेदक को अपनी निजी जानकारी पोर्टल पर दर्ज़ करनी होगी।
सब जानकारी भरने के बाद आवेदन पत्र को सबमिट कर देना होगा।
आवेदन जमा हो जाने के bad आवेदन पत्र को सम्बंधित अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जायेगा।
आवेदन पत्र को मंजूरी मिल जाने के बाद आवेदक को सूचित किया जाता है ।
