मंडी, धर्मवीर -: हिमाचल किसान यूनियन जिला मंडी का जिला स्तरीय अधिवेशन शनिवार को जिला अध्यक्ष कर्मू राम की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। अधिवेशन में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। यूनियन ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को सौंपे गए 16 सूत्रीय मांग पत्र पर चार माह बीत जाने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर अमल नहीं हुआ तो सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष कर्मू राम ने कहा कि मंडी जिले के किसानों की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यूनियन ने सरकार को 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा था। सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है। अधिकारियों से केवल कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने की आवश्यकता है। कर्मू राम ने कहा कि कागजी शिविर और औपचारिक बैठकों से किसानों की स्थिति में सुधार नहीं आएगा, बल्कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।
अधिवेशन में जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए फसल सुरक्षा के लिए विशेष बजट का प्रावधान करने, मंडी में किसान भवन का निर्माण, कृषि भूमि संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाने तथा दुग्ध खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई। यूनियन ने कहा कि दूध खरीद की वर्तमान व्यवस्था और भुगतान में देरी से दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।कर्मू राम ने कहा कि यदि किसानों की लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो यूनियन मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेगी। इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो किसानों के हित में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूनियन विभागीय कार्यप्रणाली से जुड़े तथ्यों और आंकड़ों के साथ अपनी बात जनता और सरकार के सामने रखेगी।
