शिमला, संजू -:कांगड़ा जिले में स्थित गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार कार्य को लेकर प्रदेश सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। एयरपोर्ट विस्तार परियोजना से प्रभावित होने वाले परिवारों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सरकारी भूमि पर व्यवसाय संचालित कर रहे 113 परिवारों को 16.76 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि देने की मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय को प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश सरकार अब तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 2262 करोड़ रुपये की राशि आवंटित कर चुकी है।
हिमाचल प्रदेश के उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे के आसपास वर्षों से दुकानें और अन्य छोटे-बड़े व्यवसाय चलाने वाले परिवारों की आजीविका प्रभावित न हो, इसके लिए सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उनका कहना था कि प्रभावित लोगों को नई परिस्थितियों में अपने रोजगार और कारोबार को दोबारा स्थापित करने में यह आर्थिक मदद सहायक सिद्ध होगी।पठानिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा गरीब, कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के हितों को प्राथमिकता देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह संभवतः देश का एक अनूठा उदाहरण है, जहां सरकारी भूमि पर कारोबार करने वाले लोगों को भी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान सहायता प्रदान की जा रही है। इससे सरकार की जनहितकारी और संवेदनशील सोच का परिचय मिलता है।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के हालिया कांगड़ा दौरे के दौरान विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों और स्थानीय लोगों ने प्रभावित दुकानदारों तथा कारोबारियों को राहत देने की मांग उठाई थी। सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए सहायता राशि मंजूर करने का निर्णय लिया। इस फैसले से प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और वे अपने व्यवसाय को नए सिरे से शुरू कर सकेंगे।
उप मुख्य सचेतक ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसी दिशा में कई बड़ी पर्यटन परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है। गग्गल एयरपोर्ट का विस्तार पूरा होने के बाद बड़े विमानों की आवाजाही संभव होगी, जिससे देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस अवसर पर केवल सिंह पठानिया ने प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और आर्थिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं भी दीं। साथ ही उन्होंने धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता दिए जाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर चुके इस स्टेडियम में आयोजित होने वाले खेल आयोजनों से उत्पन्न रोजगार का लाभ सबसे पहले हिमाचल प्रदेश के युवाओं को मिलना चाहिए।उन्होंने कहा कि स्टेडियम परिसर और उससे जुड़ी विभिन्न सेवाओं में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके अलावा उन्होंने मीडिया कवरेज से जुड़े कार्यों में भी हिमाचल की मीडिया संस्थाओं को प्राथमिकता देने की वकालत की। उनका मानना है कि स्थानीय मीडिया प्रदेश के मुद्दों और गतिविधियों को बेहतर तरीके से सामने लाने में सक्षम है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन विषयों को आगामी विधानसभा सत्र में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि प्रदेश के युवाओं और स्थानीय समुदाय के हितों की प्रभावी पैरवी की जा सके।
