अरविंदर सिंह,हमीरपुर: ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू हिंसा के रोकथाम के प्रति कदम उठाने के उद्देश्य से हमीरपुर जिला स्वास्थ्य विभाग ने पांच दिवसीय आशा वर्कर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शनिवार को इस शिविर का समापन किया गया। शिविर के समापन अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉक्टर आरके अग्निहोत्री ने आशा वर्कर्स को घरेलू हिंसा के रोकथाम में उनकी भूमिका उठाए जाने वाले कदमों के प्रति जागरूक किया।
इस शिविर में जिला भर की 25 के करीब आशा वर्कर ने प्रशिक्षण ग्रहण किया जिन्हें विभाग की ओर से कोर्स के पूर्ण होने के प्रशस्ति पत्र भी बांटे गए। शिविर में पहुंची तमाम आशा वर्कर घरेलु हिंसा से संबंधित प्रशिक्षण ग्रहण करने के बाद अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं को इसके बारे में जागरुक करने और जो महिलाएं घरेलु हिंसा की शिकार हैं उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य विभाग आशा वर्करों को महिलाओं के साथ होने वाले शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, कन्या भू्रण हत्या, दहेज प्रथा, बेटे और बेटियों में असमानता इत्यादि के बारे में प्रशिक्षण दिया कि किस तरह महिलाएं समाज में आए दिन घरेलु हिंसा का शिकार होती हैं।
घरेलु हिंसा से ग्रस्त महिलाओं की किस तरह से मदद की जानी है व हिंसा के क्या दुष्परिणाम होते हैं इनके बारे में बारीकि से जानकारी देना इस शिविर का मुख्य उद्देश्य रहा । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के अग्निहोत्री ने बताया कि घरेलु हिंसा का शिकार महिलाएं समाज के डर से या तो चुपचाप इसे सहन करती हैं या फिर हिंसा से तंग आकर आत्महत्या जैसे घातक कदम उठाने पर मजबूर होती हैं। ऐसे नाजुक समय में हिंसा का शिकार महिलाओं की किस तरह से सहायता की जा सकती है, इसके बारे में भी आशा वर्करों को प्रशिक्षित किया गया हैं, ताकि कोई भी महिला घरेलु हिंसा का शिकार हो कर आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर न हो। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण शिविर में उन महिलाओं ने भाग लिया जो कोविड-19 के दौरान आयोजित प्रशिक्षण शिविर में भाग नहीं ले सकती थी।
