संजीव महाजन,नूरपुर (TSN): हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं की देवभूमि हैं। यहां अनेकों तीर्थस्थल हैं जहां भक्त यात्रा के लिए जाते है। इन्हीं में से एक यात्रा हैं मणिमहेश की यात्रा। इन दिनों मणिमहेश की यात्रा की शुरूवात हो गई है। इसी मद्देनजर नूरपुर-चंबा रोड मलकवाला के पास बडूनी मोड़ पर माता काली के मंदिर में मणिमहेश यात्रा पर आने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए माता काली मंदिर कमेटी की ओर से दिन रात लंगर लगाया गया हैं।
यह लंगर पांच सितंबर को शुरू हुआ था और 25 सितंबर तक दिन-रात चला रहेंगा। यहां हर दिन हजारों की संख्या में शिव भोलेनाथ के भक्त रुक कर लंगर में प्रसाद ग्रहण कर रहे और माता काली का आशीर्वाद लें रहे हैं। यह लंगर वैसे तो पिछले 16 वर्षों से लगाया जा रहा हैं पर दो साल साल कारोना की वजह से नहीं लगाया गया था। मंदिर कमेटी की ओर से यहां पर लंगर के साथ-साथ रात को रुकने की व्यवस्था, मेडिकल सुविधा का प्रबंध भी किया गया हैं। हर साल इस लंगर के लिए शिव भक्त दिल खोल कर सहयोग भी करते आ रहे हैं ओर लंगर के अंतिम दिन यहां विशाल भंडारा व माता रानी के जागरण का आयोजन किया जाता हैं।
मंदिर कमेटी सदस्य कर्ण हीर ने कहा कि पहाड़ी के लगातार गिरने को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग के कर्मचारी ने माता से मन्नत कि अगर पहाड़ी गिरना बंद हो जाएगी तो हम यहां ममंदिर बना देंगे। तो माता रानी ने पहाड़ी गिरना बंद करवा दी तो उन्होंने यहां छोटा सा मंदिर बनवा दिया। धीरे धीरे यह बड़ा मंदिर बन गया। यहां हर साल मणिमहेश यात्रा जाने वालों के लिए लंगर लगाया जाता हैं। हमारी चैनल के माध्यम से सभी मणिमहेश जाने वालों से अपील है कि वह यहां आकर प्रसाद ग्रहण करें और इसके साथ ही जिस भी श्रद्धालु को यहां रुकना हो वह रुक सकता हैं हमने सभी प्रबंध किए हैं। यह लंगर दिन रात लगा रहता हैं।
श्रद्धालु ने कहा कि हम ऊना से आए हैं और मणिमहेश यात्रा पर जा रहे हैं। हम यहां रुके हैं बहुत अच्छा लगा। यहां पर मंदिर कमेटी ने बहुत अच्छा प्रबंध किया हैं। हम इन सब का धन्यवाद करते हैं और भविष्य जब भी दोबारा मौका मिलेगा यहां से जाने का तो हम जरुर रुकेंगे ।
