संजु चौधरी,शिमला:जुलाई माह में राजधानी शिमला में सभी विपक्षी दल एक जुट होंगे। केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ़ विपक्षी दल एकजुट हो कर 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करेंगे। बीते दिन बिहार के पटना में हुई 17 विपक्षी दलों की बैठक में आगामी बैठक जुलाई महीने में शिमला होनी प्रस्तावित हैं जिसमें विपक्षी दल अपने नेता का चयन कर सकते हैं,लेकिन हैरानी की बात यह है कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को बैठक की फिलहाल कोई जानकारी तक नहीं हैं।
शिमला में प्रस्तावित बैठक को लेकर जब प्रतिभा सिंह से पूछा गया तो उनका कहना था कि उनको इस बैठक के मोटिव और बैठक के लिए शिमला को चुनने बारे कोई जानकारी नहीं हैं। शायद शिमला के सुहावने माैसम में घूमने के इरादे से शिमला को बैठक के लिए चुना गया होगा। उन्होंने कहा कि शिमला में सभी का स्वागत है और 2024 के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होना होगा क्योंकि भाजपा के नौ साल के कार्यकाल में देश में समस्याएं कम होने के बजाए बढ़ी हैं। केंद्र सरकार ने किसानों बागवानों, बेरोजगारों से जो वादे किए थे वो एक भी पुरा नहीं हुआ हैं।
वहीं शिमला में किसान सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखपाल सिंह खेड़ा ने कहा कि मोदी सरकार में किसानों की हालत दयनीय हो गई है जिसको लेकर कांग्रेस पार्टी किसानों को जागरूक करने का काम कर रही हैं ताकि 2024 में मोदी सरकार को सत्ता से बाहर फेंका जाए और इसके लिए सभी विपक्षी दल भी एकजुट हो रहे हैं। पटना में कल 17 विपक्षी दलों की बैठक हुई और अब अगली बैठक शिमला में होनी प्रस्तावित हैं।
वहीं सुखपाल खेड़ा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने जो 10 गारंटी दी है उन्हें सरकार पूरा करेगी। किसानों बागवानों के लिए भी जो कांग्रेस सरकार ने वादे किए हैं उन्हें मुख्यमंत्री से मिलकर लागू करने पर चर्चा की जाएगी।
