अरविंदर सिंह,हमीरपुर(TSN): प्राकृतिक आपदा ने इस बार हिमाचल की कमर तोड़कर कभी ना भुलाए जाने वाले जख्म दिए हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मकान ढह जाने से उनके सिर पर छत नहीं रही हैं। बेघर लोग आशियाना पाने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन हमीरपुर में आपदा के इस मुश्किल समय में भी लोक निर्माण विभाग के एक आला अफसर का आलीशान कमरा तैयार करने पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इन दिनों इस कमरे को बनाने का काम जोरों शोरों से चल रहा है। हालांकि दावा यह किया जा रहा है कि छत लीक होने की वजह से यह काम करना पड़ रहा है लेकिन मौके पर जाकर देखने पर साफ पता चल रहा है कि कमरे में लाखों रुपए खर्च करके रिनोवेशन का काम किया जा रहा हैं।
अगर छत ही लिक कर रही थी तो इतने हिस्से में ही मेंटेनेंस का काम हो सकता था। पुरी की पूरी छत को बदला जा रहा हैं कमरे में भी दीवारों पर दोबारा से काम किया गया हैं। रंग रोगन हो रहा हैं। यहां तक की अलमारियां बनाने का काम भी मौके पर मिस्त्री कर रहे हैं। कोई कुछ भी खुलकर बोलने को मौके पर तैयार नहीं हैं। सब लोग बचने की कोशिश कर रहे हैं।
इस काम को बाद में भी किया जा सकता था अगर बड़ी जरूरत थी और छत टपक रही थी तो उतना ही काम करवाया जा सकता था। उसके लिए लाखों रुपए खर्च ने की जरूरत ऐसे समय में क्यों पड़ गई यही बड़ा सवाल हैं। प्रदेश सरकार लोगों को पुनर्वास करने के लिए एक-एक पैसा जुटा कर उनकी मदद के लिए दिन-रात काम कर रही है तो दूसरी तरफ अफसर कहीं ना कहीं इस प्रयास की अनदेखी कर रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता के कमरे को जिस ढंग से लाखों रुपए खर्च करके रिनोवेट किया जा रहा है उसे लेकर कहीं ना कहीं ऐसे मुश्किल समय में सवाल खड़े होना लाजिमी ही हैं।
अधीक्षण अभियंता इंजीनियर विजय चौधरी का कहना है कि उनके कमरे की छत टपक रही थी इसलिए उसे ठीक करवाया जा रहा हैं। यह रूटीन का काम है इसे रिनोवेशन नहीं बोल सकते हैं।
