राकेश, ऊना: आर्थिक गतिविधियों के सृजन में बैंक एक बुनियादी इकाई है, जिसके माध्यम किसी भी रोज़गार के संचालन में आरंभिक सहयोग महत्वपूर्ण हैं। यह बात आज अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. अमित कुमार ने बचत भवन में आयोजित ज़िला स्तरीय बैंक सलाहकार एवं समीक्षा समिति की द्वितीय तिमाही की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। डाॅ. अमित कुमार ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की द्वितीय तिमाही के अंत तक 2365 करोड़ 38 लाख के ऋण के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 1053 करोड़ 42 लाख के ऋण वितरित किए गए हैं। इस अवधि तक बैंकों की जमा राशि 9.7 प्रतिशत वृद्धि के साथ 11847.73 करोड़ रूपये हो गयी है, जबकि ऋण राशि 13.88 प्रतिशत की दर से बढ़कर 3675.79 करोड़ हो गई है।
ज़िला का ऋण जमा अनुपात वर्ष में 31.03 प्रतिशत पहुंच गया है, जोकि राष्ट्रीय लक्ष्य 60 प्रतिशत की अपेक्षा काफी कम है। एडीसी ने इस दिशा में सुधार लाने के लिए बैंकों और सरकारी विभागों को आपसी तालमेल के साथ सकारात्मक प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि ज़िला के बैंकों ने माह सितंबर तक 61842 कृषि कार्ड किसानों को वितरित किये हैं, जबकि बैंकों ने 694 कृषि कार्ड किसानों को बांटे हैं। बैंकों का कृषि ऋण 683.77 करोड़ है जो कि कुल ऋणों का 18.6 प्रतिशत है।
उन्होंने बैंकों से ज़िला की जनता के जीवन स्तर को सुधारने हेतु हर तरह की वित्तीय सहायता का भी आवाह्न किया ताकि बैंकों की सहायता से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिक से अधिक लोगों को शामिल किया जा सके। बैठक में वित्त वर्ष 2023-24 में जिला ऊना के लिए नाबार्ड की 2217 करोड़ 26 लाख रुपए की ऋण योजना भी रिलीज की गई। एडीसी ने बैंकों को निर्देश दिए कि जिला में अधिक से अधिक लोगों को विभिन्न बैंको की ऋण योजनायों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जाए। इससे न केवल आम लोग बल्कि उद्यमी भी लाभांवित होंगें ओर जिला के ऋण व जमा अनुपात में भी काफी सुधार होगा। उन्होंने सभी बैंको को सरकार की ओर से प्रायोजित योजनाओं के तहत ऋण आवेदनों को समय पर स्वीकृत करने के निर्देश दिए।
