विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: समाजसेवी संजय पराशर की ओर से शुक्रवार को टांडा मेडीकल कॉलेज के सहयोग से परागपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रक्त की अहमियत जीवन और मौत से लड़ रहे व्यक्ति से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। मरीज को समय पर रक्त न मिलने से सांसों की डोर कट सकती है। ऐसे में रक्त की कमी से लोगों के जीवन पर संकट न आए, इसके लिए यह रक्तदान शिविर लगाया गया है। इस रक्तदान शिविर में पराशर और अन्य 73 रक्तदानियों ने रक्तदान अर्पित किया।
संजय पराशर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में दान का बहुत महत्व है। सबसे श्रेष्ठ दान अपने शरीर से कुछ अर्पित करना है। रक्तदान को महादान माना गया है। रक्तदान को महादान ऐसे ही नहीं कहा जाता और न ही कोई डाक्टर इसे मानव शरीर में विकसित कर सकता है। वह परमात्मा का दिया वरदान है। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है, क्योंकि मानव शरीर में बहने वाले रक्त का कुछ अंश मात्र का दान कर देने से बिना किसी नुकसान के किसी भी जरुरतमंद इंसान की जिंदगी बचाई जा सकती है।
आज के इस अत्याधुनिक युग में भी रक्त का कोई विकल्प नहीं खोजा जा सका है। रक्त का विकल्प रक्त ही है, ऐसे में चिकित्सीय दृष्टि से स्वस्थ व हर सक्षम व्यक्ति को रक्तदान अवश्य करना चाहिए। रक्तदान करने से शरीर को लाभ होता है और मानसिक संतुष्टि भी मिलती है। संजय ने कहा कि रक्तदान उनकी आदत में शुमार हो चुका है और भविष्य में भी वह रक्तदान करते रहेंगे।
