संजीव महाजन,नूरपुर: ज्वाली विधानसभा के भाली में पठानकोट-मंडी फोरलेन निर्माण के लिए स्थापित कोलतार प्लांट का विवाद आखिरकार थम गया। पहले कोलतार प्लांट से होनी वाली ध्वनि व हवा में फैल रहे प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से कई बार एतराज जताया जा रहा था जिसको लेकर एसडीएम ज्वाली महेंद्र प्रताप सिंह के साथ प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड भी ध्वनि व हवा प्रदूषण की जांच करने के लिए इंस्ट्रूमेंट लेकर भाली में पहुंचा। कोलतार प्लांट के साथ लगते लोगों के घरों में जाकर ध्वनि प्रदूषण व हवा प्रदूषण को जांचने के लिए इंस्ट्रूमेंट से जांच की गई। इस मौके पर आसपास के लोग वहां पर पहुंच गए।
लोगों ने अपनी-अपनी समस्या बताई और जिन-जिन लोगों ने ध्वनि प्रदूषण व हवा प्रदूषण की शिकायत की उनके घर में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने इंस्ट्रूमेंट लगाकर जांच की। प्लांट सहित आसपास के घरों में लगाए गए इंस्ट्रूमेंट में भी प्रदूषण का कोई मामला नहीं आया हैं,जिसके बाद इस कोलतार प्लांट भाली को क्लीन चिट मिल गई हैं।
एसडीएम जवाली महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस प्लांट को लेकर स्थानीय लोगों ने दो इशू उठाए थे जिसको लेकर रोष प्रकट कर रहे थे। हमारे पास शिकायत भी की थी तो हम आज यहां इसकी जांच के लिए पहुंचे हैं। हमने प्रदूषण विभाग को लिखा था कि वह इसके प्रदूषण जांच करने के इंस्ट्रूमेंट भी लेकर आए तो जिस स्कूल की तरफ से ध्वनि प्रदूषण की शिकायत की गई थी हम वहां गए और हमने प्लांट को चला वहां जांच की तो वहां पर कोई समस्या इस प्लांट के चलने से नहीं हो रही थी। वहां पर विभाग की ओर से लाया गया ध्वनि जांच इंस्ट्रूमेंट भी लगाया तो उसकी जांच से पता चला कि कोई दिक्कत की बात नहीं।
वहीं दूसरी बात हवा प्रदूषण की थी तो जब हमने जांच की जिसमें स्थानीय निवासी भी शमिल किए गए। जब हमने जांच करवाई तो कोई ऐसी बात सामने नहीं आई हैं। यह प्लांट सब जो नियम है उस के मुताबिक सही चल रहा हैं। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने लोगों के घरों सहित कोलतार प्लांट पर इंस्ट्रूमेंट लगाकर प्रदूषण चैक किया लेकिन कहीं भी ध्वनि व धुआं प्रदूषण का मामला सामने नहीं आया हैं। उन्होंने कहा कि अब लोग भी सहमत हो गए हैं।
