शिमला- : प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक बचत भवन शिमला में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिला शिमला में संचालित 2154 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 231 केंद्र अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्थित हैं। इन केंद्रों में 475 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें 379 बच्चों को पोषण कार्यक्रम और 96 बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा का लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य निगरानी के दौरान 445 बच्चों का परीक्षण किया गया, जिनमें अधिकांश बच्चे सामान्य पाए गए। साथ ही 95 गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी विभागीय सेवाओं से लाभान्वित हो रही हैं।
शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना के तहत शिक्षा खंड छौहारा के आंधा स्थित विद्यालय में 100 छात्राओं को आवासीय शिक्षा प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। उर्दू शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संजौली में 10 विद्यार्थियों को उर्दू विषय पढ़ाया जा रहा है। मदरसा शिक्षा के आधुनिकीकरण के तहत विद्यार्थियों को धार्मिक शिक्षा के साथ नियमित स्कूली शिक्षा भी उपलब्ध करवाई जा रही है.जिले में कक्षा 9 से 12 तक अल्पसंख्यक समुदाय के 391 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 73 छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आर्थिक सशक्तिकरण के अंतर्गत मनरेगा के माध्यम से 280 परिवारों को रोजगार तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 6 परिवारों को स्वरोजगार के लिए 3 लाख रुपये की सहायता दी गई है।बैठक में अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम की ऋण योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना और शहरी मलिन बस्तियों में किए जा रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
