शिमला : कमल भारद्वाज- केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के हरोली में बनने वाले बल्क ड्रग फार्मा पार्क के लिए 234 करोड़ मिल गया है और राज्य सरकार ने अपने हिस्से का 35 करोड भी जमा कर दिया है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वल्कन ट्रक पार्क कि हर महीने मॉनिटरिंग के लिए हाई पावर कमेटी बनाई गई है प्रस्ताव निर्धारित 3 साल में बल्क ट्रक पार्क का निर्माण पूरा किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने केंद्र के समक्ष रेलवे नेटवर्क से बल्क ड्रग पार्क को जोड़ने का भी आग्रह किया है क्योंकि कच्चा माल बल्क पार्क तक पहुंचाने में आसानी होगी।
गौरतलब है कि 312 करोड़ से 120 मेगावाट बिजली मुहैया करवाने पर खर्च होगी। 31 करोड़ की राशि पार्क में पानी उपलब्ध करवाने पर खर्च की जाएगी। बाकी रकम सडक़ व अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने पर खर्च होगी। प्रदेश सरकार ने बल्क ड्रग फार्मा पार्क में अधोसंरचना विकास के मकसद से हिमाचल प्रदेश बल्क ड्रग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड इम्पलीमैंट एजेंसी का गठन किया है। पार्क में पानी की उपलब्धता के लिए12 ट्यूबवैल लगाए जाएंगे। पार्क तक फोरलेन का निर्माण किया जाएगा ताकि निवेशकों को आने-जाने और अपना उत्पाद लाने ले जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं आए। इसके लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 20 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में आज शिमला में स्टेट इम्पलीमैंट एजैंसी के साथ आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया है. हिमाचल प्रदेश के लिए स्वीकृत बल्क ड्रग फार्मा पार्क में करीब 10 हजार करोड़ तक निवेश होगा। इससे करीब 15 हजार लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। हिमाचल सरकार निवेशकों को एक रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भूमि उपलब्ध करवाएगी स्टॉप मुंबई में बल्क ड्रग पार्क के लिए करीब 17 सौ करोड़ के शुरुआती एमओयू भी साइन हुए हैं.।
