कांगड़ा, संजीव -:कांगड़ा में आयुष विभाग से जुड़े एक सरकारी पत्र में कथित छेड़छाड़ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में विभाग ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकारी दस्तावेजों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को गंभीर अपराध माना जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस पूरे मामले को लेकर जिला आयुष अधिकारी बृजनंदन शर्मा और कांगड़ा जोन की सह निदेशक इंदु शर्मा ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता आयोजित की। अधिकारियों ने कहा कि हाल ही में विभाग के एक आधिकारिक पत्र को गलत तरीके से प्रस्तुत कर लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। उनका आरोप है कि दस्तावेज में बदलाव कर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए।अधिकारियों के अनुसार यह मामला केवल विभागीय अनुशासनहीनता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से सरकारी पत्र का गलत उपयोग किया गया, जिससे जनता के बीच सरकार के प्रति अविश्वास का माहौल बनाने का प्रयास हुआ।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब पूर्व मंत्री राकेश पठानिया ने प्रेसवार्ता कर आयुष विभाग पर चुनावी प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ी और अनियमितताओं के आरोप लगाए। इसके बाद विभाग ने सामने आकर दावा किया कि जिस दस्तावेज के आधार पर आरोप लगाए गए, उसमें मूल तथ्यों के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ की गई थी।
कांगड़ा जोन की सह निदेशक इंदु शर्मा ने कहा कि विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित कर दी है। उन्होंने बताया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव या उसके गलत इस्तेमाल को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वहीं जिला आयुष अधिकारी बृजनंदन शर्मा ने कहा कि आयुष विभाग पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग की छवि खराब करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसे मामलों से सख्ती से निपटा जाएगा।अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की कि किसी भी दस्तावेज या सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलने वाली अपुष्ट जानकारियों से बचना जरूरी है, ताकि अफवाहों को बढ़ावा न मिले।आयुष विभाग ने भरोसा दिलाया कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का कहना है कि जनता का विश्वास बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और सरकारी कार्यप्रणाली की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
Chandrika
