विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: लोगों को आपदा से बचाने के लिए काम करने वाली एनडीआरएफ के जवान ना केवल आपदा के समय लोगों की जान बचाते हैं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी आपदा से भी बचाने का काम यह जवान अपना रक्तदान कर कर रहे है। आज चिंतपूर्णी में बाबा श्री माई दास सदन में ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया। यहां इस रक्तदान शिविर में एनडीआरएफ के जवानों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया ओर रक्तदान किया।
इस ब्लड डोनेशन कैंप में चिंतपूर्णी के स्थानीय लोगों, आपदा प्रबंधन टीम भरवाईं,मंदिर न्यास के कर्मचारियों ने भी बढ-चढ़कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। मंदिर न्यास के वित्त अधिकारी शम्मी राज ने खुद आगे आकर अपना रक्तदान दिया। वहीं दूसरी और चिंतपूर्णी क्षेत्र की जानकारी, भीड़ नियंत्रण और भविष्य में आपदा की स्थिति में एनडीआरएफ की टीम कैसे रिस्पांस करेगी। इसके लिए एनडीआरएफ की 14वी बटालियन आरआरसी नालागढ़ ने पूरे चिंतपूर्णी मंदिर परिसर का दौरा किया और जानकारी इकट्ठी की। वहीं जब यह एनडीआरएफ की टीम बाबा श्री माई दास सदन में पहुंची तो एनडीआरएफ के जवानों ने ब्लड डोनेशन कैंप में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपना रक्तदान किया।
एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर आदेश से जब इस दौरे के बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि पूरे ऊना जिला में एनडीआरएफ की टीम की ओर से दौरा किया जा रहा है। भविष्य में आने वाली आपदाओं में एनडीआरएफ की टीम कैसे रिस्पांस करेगी। इसके बारे में प्लानिंग की जा रही है। इसी के तहत चिंतपूर्णी मंदिर क्षेत्र में नवरात्रों में भारी संख्या में भीड़ आती है। यहां कभी भी भगदड़ मच सकती है तो एनडीआरएफ की टीम कैसे अपना सहयोग देगी। इसके लिए मंदिर क्षेत्र का दौरा किया गया और जानकारी इकट्ठी की गई है।
वहीं मंदिर अधिकारी बलवंत सिंह ने बताया कि मंदिर न्यास की ओर से आयोजित ब्लड कैंप में स्थानीय लोगों के साथ-साथ एनडीआरएफ के जवानों का भी सहयोग रहा। ब्लड डोनेशन कैंप के सफल आयोजन के लिए उन्होंने सभी को बधाई दी। इस मौके पर मंदिर अधिकारी बलवंत सिंह, इंस्पेक्टर एनडीआरएफ आदेश, सब इंस्पेक्टर गोविंद मीणा, डीडीएमए से सुमन चहल, मंदिर एसडीओ आरके जसवाल, आपदा प्रबंधन टीम के सदस्य संदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
