नाहन/देवेंद्र कुमार: सिरमौर जिला के गिरीपार ईलाके को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा दिए जाने के बाद गुज्जर समुदाय का विरोध लगातार बढ़ रहा है। सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में आज गुज्जर कल्याण परिषद के बैनर तले समुदाय के लोग हड़ताल पर बैठे। परिषद के बैनर तले 3 दर्जन से अधिक लोग डीसी कार्यालय परिसर में हड़ताल पर बैठे। गुर्जर कल्याण परिषद के अध्यक्ष हंसराज भाटिया ने बताया कि समुदाय के लोगों ने सरकार से साढ़े 7 प्रतिशत आरक्षण को बरकरार रखने की मांग की जा रही है, क्योंकि गिरिपार को जनजातीय क्षेत्र में शामिल कर सीधे तौर पर उनके आरक्षण के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि गिरिपार की डेढ़ लाख आबादी को अगर शामिल किया जाता है, तो इससे सीधा असर उनके कोटे पर पड़ेंगा। समुदाय का कहना है कि गिरीपार जनजाति क्षेत्र का दर्जा दिए जाने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, मगर वह चाहते हैं कि गुज्जर समुदाय को पहले से दिए गए साढ़े 7 प्रतिशत कोटे में गिरिपार की आबादी को शामिल ना किया जाए। इनका कहना है कि यदि गिरिपार की डेढ़ लाख आबादी को इसमें शामिल किया जाता है, तो उससे सीधा असर समुदाय के कोटे पर पड़ेगा। ऐसे में सरकार से मांग की जा रही है कि गिरी पार क्षेत्र के लिए अलग से आरक्षण कोटे का प्रावधान किया जाए।
गुज्जर समुदाय के लोगों ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती , उनका विरोध जारी रहेगा । परिषद के अध्यक्ष हंसराज भाटिया ने कहा कि जिला स्तर पर विरोध के बाद प्रदेश सचिवालय के बाहर विरोध किया जाएगा और फिर भी मांग पूरी नहीं हुई तो दिल्ली के जंतर मतर तक जाने से भी परिषद गुरेज नही करेंगी।
