राहुल चावला, धर्मशाला: आज के समय के नशा एक बड़ी समस्या बन गया हैं। युवा पीढ़ी नशे की दलदल में धंसती जा रही हैं। यही वजह हैं कि एक ओर जहां प्रदेश में पुलिस नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही हैं तो वहीं युवा पीढ़ी को नशे की बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को जिला मुख्यालय के समीप दाड़ी स्थित आईटीआई मे रोटरी क्लब धर्मशाला की ओर से नशा निवारण पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में रोटरी क्लब के प्रधान अजय शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गुरमीत कटोच, जोनल अस्पताल धर्मशाला के मनोचिकित्सक डॉ. अभिनव, आईटीआई प्रिंसिपल सहित रोटरी क्लब के पूर्व पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान आईटीआई स्टूडेंटस को नशे के प्रति जागरूक करते हुए डॉ. गुरमीत कटोच ने कहा कि एक सर्वे के अनुसार हिमाचल में 31.9 फीसदी लोग अल्कोहल का इस्तेमाल करते हैं।
युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन के चलते स्वास्थ्य विभाग लगातार नशा निवारण के प्रति युवाओं को इन्फोर्मेशन, एजुकेशन एंड कम्यूनिकेशन (आईईसी) विभिन्न माध्यमों से जागरूक करता हैं। जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से नूरपुर में नशा निवारण केंद्र भी संचालित किया जा रहा हैं। कई ऐसे परिवार हैं, जिनके सदस्य नशे के आदि हैं, उनका ऐसे नशा निवारण केंद्रों में उपचार किया जाता हैं। रोटरी क्लब धर्मशाला के प्रधान अजय शर्मा ने बताया कि आईटीआई धर्मशाला में नशा निवारण पर कार्यक्रम का
इस जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गुरमीत कटोच और जोनल अस्पताल में कार्यरत मनोचिकित्सक डॉ. अभिनव ने नशे के संबंध में अपने विचार रखे ओर आईटीआई स्टूडेंटस को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया ओर इससे बचाव की जानकारी दी। नशे से दूर रहकर ही स्वस्थ जीवन जी सकते हैं, इसके बारे में आईटीआई स्टूडेंटस को जागरूक किया गया। रोटरी क्लब पदाधिकारियों की ओर से इस दौरान स्टूडेंटस को नशा न करने का संकल्प भी दिलवाया गया।
