बिलासपुर, सुभाष-:तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण, आवास तथा नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने राजकीय संस्कृत महाविद्यालय डंगार में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, करियर और भारतीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।मंत्री ने विद्यार्थियों की मांग पर महाविद्यालय में पांच सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने, ई-लाइब्रेरी के लिए धनराशि उपलब्ध करवाने, संगीत वाद्ययंत्र देने तथा पेयजल समस्या के समाधान के लिए हैंडपंप स्थापित करने की घोषणा की।
महाविद्यालय के नाम में ‘श्री सरस्वती’ शब्द जोड़ने संबंधी प्रस्ताव सरकार को भेजने का आश्वासन भी दिया।उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए प्रदेश सरकार ने 25 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं, जिनमें से करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर स्किल ट्रेनिंग और कैरियर काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया गया। खेल मैदान के लिए एफआरए मामला आगे बढ़ाने तथा एनसीसी, एनएसएस और स्काउट्स एंड गाइड्स की इकाइयां स्थापित करने का मामला सरकार के समक्ष रखने की बात कही।धर्माणी ने कहा कि संस्कृत विश्व की प्राचीन और ज्ञान-विज्ञान से समृद्ध भाषाओं में से एक है। विद्यार्थियों को संस्कृत के साथ अंग्रेजी और कंप्यूटर तकनीक का ज्ञान हासिल करना चाहिए, ताकि वे विश्व स्तर पर भारतीय संस्कृति के प्रभावी प्रतिनिधि बन सकें। उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्यार्थी भारतीय संस्कृति के सशक्त ब्रांड एम्बेसडर बन सकते हैं।उन्होंने युवाओं को मोबाइल का उपयोग ज्ञानवर्धन के लिए करने, उत्तम साहित्य पढ़ने और संवाद कौशल विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने जिला स्तरीय सीर उत्सव में संस्कृत विद्यार्थियों को मंत्रोच्चारण का अवसर देने तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित करने की घोषणा की।
विद्यार्थियों को पांच अथवा दस वर्ष बाद अपने लक्ष्य पर आधारित निबंध 25 सितंबर तक लिखने को कहा गया। सर्वश्रेष्ठ दस निबंधों को सीर उत्सव में पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशामुक्त हिमाचल की शपथ भी दिलाई गई। प्राचार्य डॉ. संदीप शर्मा सहित महाविद्यालय के अध्यापक उपस्थित रहे।
