कुल्लू : मनमिंद्र अरोड़ा- जिला कुल्लू के मणिकर्ण में रविवार के समय जो मारपीट की घटना सामने आई है। उससे पूरे घाटी में दहशत का माहौल बना हुआ है। ऐसे में प्रदेश सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और ऐसे शरारती तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। यह मांग जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में रोष रैली को संबोधित करते हुए स्थानीय युवा जितेंद्र राजपूत ने की।
मणिकर्ण में स्थानीय लोगों के साथ मारपीट मामले को लेकर वीरवार को ढालपुर में दर्जनों युवाओं के द्वारा एक रैली निकाली गई तथा डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति व राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एक कानून बनाया जाना चाहिए। ताकि किसी की धार्मिक भावना को ठेस न पहुंचे। वही, प्रदेश के कुछ नेताओं के द्वारा इस मामले को अफवाह बताया गया। अगर यह अफवाह थी तो वहां पर इतनी गाड़ियों के शीशे किसने तोड़े और नैना माता ब भगवान श्री राम के मंदिर में बोतल और पत्थर कहां से आए। ऐसे में उन नेताओं को भी पहले मामले की जांच करनी चाहिए थी और उसके बाद बयान जारी करना चाहिए था।
जितेंद्र राजपूत ने कहा कि बीते साल के अगर बात करें तो जिला कुल्लू के मनाली व लाहौल में भी बाहरी राज्यों से आकर पर्यटकों के द्वारा हुड़दंग मचाया गया और स्थानीय लोगों के साथ मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। लेकिन उसके बाद भी प्रशासन व सरकार ने कोई सबक नहीं लिया है। ऐसे में अब जिला कुल्लू के युवा मांग करते हैं कि प्रदेश के प्रवेश द्वार पर ही सभी वाहनों की जांच की जाए और पर्यटक के पास कोई हथियार पाया जाता है तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। ताकि ऐसी घटना दोबारा ना हो सके। वही, स्थानीय युवक गौरव, आशीष शर्मा का कहना है कि घटना के बाद स्थानीय भी खासा रोष है और यहां पर पर्यटन की दृष्टि से राज्यों से हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। ऐसे में सभी लोगों का आपसी सद्भाव बना रहे। इस दिशा में सरकार को गंभीरता से कदम उठाना होगा।
