बीबीएन : जगत सिंह – स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने नकली दवा उत्पादको पर शिकंजा कसने के लिए बड़ा फैसला लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जिस फार्मा उद्योग के दवा सैंपल दो बार फेल होंगे, उन्हें राज्य में इसका उत्पादन नहीं करने दिया जाएगा।
तेजी से देश में ड्रग फार्मा राज्य की तरफ हिमाचल के कदम बढ़ रहे है, मगर औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला दवाओं के सैंपल फेल होने के मामलो ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने खुद माना है कि विकसित देशों के बनिस्पत हमारे यहां नकली दवा बना कर मुनाफा कमाने की प्रवृति पर रोक नही लग पा रही है जो चिंताजनक है। गौरतलब है कि हिमाचल के बद्दी बरोटीवाल वाला में दवा निर्माण की कुछ कंपनियों के सैंपल फेल होने के साथ जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के कई मामले आते रहे है। कई बार सरकार इन पर नकेल कसने के दावे तो करती है मगर दावों के बावजूद ऐसे मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है ।
बता दें कि पिछले कुछ महीनों से बद्दी स्थित नकली दवा बनाने वाली फार्मा कंपनी से ड्रग विभाग ने फेल हुए सैंपल की दवाओं और पैकिंग मेटेरियल को कब्जे में लिया था । विभाग ने आरोपी कंपनी के एमडी के साथ कंपनी का दौरा किया और मशीनों को सीज कर लिया था । साथ ही कंपनी की ऑनर को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। बद्दी की निजी फार्मा कंपनी ने पहले सात करोड़ रुपए की नकली दवाइयां बना कर यूपी के वाराणसी में सप्लाई की थी, वहां जांच में मानकों पर दवाई सही नहीं उतरी। यह दवा बद्दी में तैयार होने का पता चला। इसके बाद ड्रग विभाग ने कंपनी के दवाई के सैंपल लिए जो जांच में सही नहीं पाए गए। विभाग ने नकली दवा के निर्माण पर कंपनी के प्रबंधक को गिरफ्तार कर नालागढ़ कोर्ट में पेश करने के बाद जुडिशल पर भेज दिया था।
राज्य ड्रग विभाग की टीम को नकली दवा मामले में गिरफ्तार फॉयल सप्लायर के दो आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था । कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 22 जून तक का रिमांड़ दिया था और अब दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार करके पुलिस ने न्यायिक हिरासत सोलन भेजा है।नकली दवाओं के लिए फॉयल सप्लाई करने वाले आदर्श फॉयल कंपनी के संचालक बिज्रेश व वीरेंद्र झाड़माजरी में अपना उद्योग चला रहे थे। जिन्होंने नकली दवाओं के लिए ट्राइजल फार्मूलेशन कंपनी को फॉयल सप्लाई किया था।
कुल मिलाकर अब स्वास्थ्य मंत्री के बयान के बाद नकली दवा बनाने वाली कंपनियों में हड़कंप मच गया है।जिन कंपनियों के लगातार बार-बार सैंपल फेल हो रहे हैं उन्हें अपनी कंपनियों के लाइसेंस रद्द होने की भी चिंता सताने लगी है । अब देखना होगा कि स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान के बाद नकली दवा बनाने वाली कंपनियों पर ठोस कार्रवाई की जाती है या नहीं।
