मंजूर पठान, चंबा: प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से वैसे तो प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन हालात यह है कि अभी भी प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी पढ़ाई के आड़े आ रही हैं। यही हालात चुराह विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लोह टिकरी में भी बने हुए हैं।
इस स्कूल के पास भी भवन का आभाव हैं जिसके चलते स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं क दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। बच्चों की संख्या अधिक होने से भवन कम होने की सूरत में बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर पड़ रहा है जिसके चलते स्कूल स्टाफ भी परेशान हो गया हैं।
बता दे कि उक्त स्कूल में 350 के आसपास छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं लेकिन पर्याप्त मात्रा में कमरे नहीं होने के चलते बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर पड़ रहा हैं हालांकि इसके बारे में कई बार स्कूल प्रशासन ने विभाग को भी लिखा है लेकिन अभी तक कोईकार्रवाई नहीं हुई हैं। अब एक बार फिर स्कूल प्रशासन ने सरकार से मांग करते हुए कहा है कि उक्त स्कूल में भवन को बनाया जाए ताकि अधिक बच्चों की संख्या को देखते हुए बच्चों को सही तरीके से शिक्षा प्रदान की जा सकें।
स्कूल के प्रधानाचार्य शक्ति सूद ने बताया कि उन्होंने स्कूल में भवन की कमी के बारे में पहले स्कूल में तैनात प्रधानाचार्य के भी पत्राचार देखें हैं लेकिन बावजूद इसके भी स्कूल में भवन निर्माण नहीं करवाया गया हैं। उन्होंने कहा कि हम एक बार फिर सरकार से मांग करते हैं कि जल्द हमारे स्कूल में बच्चों की संख्या को देखते हुए भवन का निर्माण करवाया जाए ताकि बच्चों को सही तरीके से शिक्षा प्रदान की जा सके।
स्कूल के प्रधानाचार्य शक्ति सूद का कहना है कि हमारे स्कूल में तीन सौ पचास के करीब छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं लेकिन भवन की कमी से बच्चों की पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो पा रही हैं। स्कूल प्रशासन समय-समय पर इसके बारे में विभाग को अवगत करवाता रहा है लेकिन अभी तक नए भवन का निर्माण नहीं करवाया गया है जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा हैं। स्कूल में भवन का अभाव होने के चलते अधिक छात्रों को बैठाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं ऐसे में जो इंफ्रास्ट्रक्चर अभी स्कूल के पास उपलब्ध है उसी में बच्चों को पढ़ाने का प्रावधान किया जाता हैं, लेकिन इससे कक्षाओं में अधिक छात्र बैठने से उचित तरीके से पढ़ाई नहीं हो पाती हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ता हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह स्कूल में छात्रों की संख्या को देखते हुए स्कूल के भवन का भी विस्तार करें।
