संजीव महाजन,नूरपुर: नूरपुर विधानसभा की ग्राम पंचायत डन्नी के तहत गांव खड़ेतर एक बार फिर खतरे के निशान पर हैं। इस गांव के पास में बहती जब्बर खड्ड लगातार संकट बनकर बह रही हैं। इसी गांव में एक बार चार साल पहले भी भूस्खलन की वजह से यह क्षेत्र एक बड़ी झील के रूप में परिवर्तित हो चुका हैं तब उस समय की सरकार ने इन्हें यहां से शिफ्ट करने का आश्वासन दिया था पर वह आजतक यह आश्वासन ही रहा हैं।
इस बार फिर से बरसात के दिनों ने गांव के कुछ घर इस भूस्खलन की वजह से खतरे में हैं और गांव वासी सरकार व प्रशासन से गुहार लगा रहे कि हमारी समय रहते मदद की जाए वरना कभी भी अनहोनी हो सकती हैं।
स्थानीय निवासी ने बताया कि 4 वर्षों से यह पहाड़ लगातार खड्ड की तरफ दरक रहा हैं। कुछ समय पहले यह झील में परिवर्तित हो गया था ओर उस समय भी मौके पर केंद्र ओर राज्य की टीमें यहां पहुंची थी। सब की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि पीड़ित परिवारों को यहां से किसी दूसरी जगह डीसी लैंड देकर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
पीड़ित परिवारों ने कहा कि पिछले 4 वर्षों से हमें कहीं दूसरी जगह शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही हैं,मगर अभी तक धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि हमारे परिवारों को दिन-रात खतरे के साए में जीना पड़ रहा हैं। उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए कहा है कि हमें सुरक्षित स्थानों पर भूमि प्रदान की जाए।
वहीं पंचायत प्रधान सुरेखा कुमारी ने बताया कि प्रशासन आता तो हर बार हैं मगर जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में स्थानीय स्कूल इत्यादि की बिल्डिंग में प्रभावित लोगों को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
वहीं इस पूरे मामले पर एसडीएम नूरपुर गुरसिमर सिंह ने कहा कि मामला हमारे ध्यान में हैं। नायाब तहसीलदार व कानूनगो को प्रधान सहित मौके पर भेजा हैं। अभी बरसात के मौसम में उनको टेंपरेरी रूप से खाली बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
