भावना शर्मा,शिमला(TSN): प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार की ओर से एक नायाब काम शुरू किया गया है और वह यह है कि पिछली भाजपा सरकार की ओर से खोले गए कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों को बंद किया जाए और दोबारा से साल बाद, दो साल बाद, तीन साल बाद उन्हीं संस्थानों को खोलकर कांग्रेस पार्टी का फट्टा लगार श्रेय, यश लेने का अभियान शुरू किया जाए जिसे कांग्रेस ने शुरू कर दिया हैं। उन्होंने कहा कि दून विधान सभा क्षेत्र में पूर्व भाजपा सरकार की ओर से खोले गए एस.डी.एम का दफ्तर व बी.डी.ओ के दफ्तर बखूबी चल पड़े थे, काम कर रहे थे, अधिकारी, कर्मचारी नियुक्त हो गए थे लेकिन राजनैतिक प्रतिशोध की भावना से दोनों कार्यालयों को आनन-फानन में बिना कैबिनेट मंजूरी के बंद कर दिया और कांग्रेस के मंत्री, विधायक, मुख्यमंत्री सभी ने जोर-जोर से कहा कि इन दफ्तरों की जरूरत नहीं थी जिन्हें खोल दिया गया।
उन्होंने कहा कि 2022 में स्थानीय जनता की मांग पर, तात्कालिक भाजपा विधायक की मांग पर भाजपा सरकार ने इन कार्यालयों को खोला और जनता को सुविधा उपलब्ध करवाई, जिसका कांग्रेस की ओर से विरोध किया गया और इन कार्यालयों को बंद करवा दिया लेकिन अब दोबारा से इन कार्यालयों को खोलने की अधिसूचना की जा रही है और जनवरी माह में यह कार्यालय खुलेंगे, ऐसी घोषणा की गई हैं।
डॉ.बिंदल ने मुख्यमंत्री एवं सरकार से सवाल पूछा कि, 2022 में भाजपा की ओर से जनता की मांग पर खोले गए संस्थान कांग्रेस पार्टी को गलत लग रहे थे और उन्हें बंद करवा दिया गया और 2023 में अब उन्हीं कार्यालयों को उसी प्रकार से खोलकर वाहवाही लूटने का प्रयास किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि 2022 में यह संस्थान खुलना गलत था तो 2023 में सही कैसे हो गया ? (आप करो तो पुण्य, हम करें तो पाप), उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्रदेशभर में जो 1500 स्कूल, कार्यालय, अस्पताल बंद किए हैं उन्हें राजनैतिक सुविधा के आधार पर खोला जाएगा और इन्हीं संस्थानों पर राजनीति चमकाई जाएगी, जो दुर्भाग्यपूर्ण हैं। प्रदेश की जनता के साथ अन्याय है, धोखा हैं, लेकिन प्रदेश की जनता लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस पार्टी से अवश्य बदला लेगी।
