नूरपुर, संजीव महाजन-: हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच, नूरपुर जोन की मासिक बैठक रविवार को जिला कांगड़ा अध्यक्ष चमन पुंडीर की अध्यक्षता में जसूर में आयोजित की गई।बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंच ने सरकार से जनवरी 2016 के संशोधित वेतनमान के तहत लंबित एरियर, महंगाई भत्ते (डीए) और अन्य देयों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही मुख्यमंत्री से संयुक्त संघर्ष समिति के साथ जल्द बैठक आयोजित कर लंबित मुद्दों का समाधान करने का आग्रह भी किया गया।बैठक की शुरुआत करीब दो माह पहले सेवानिवृत्त हुए नागनी-भडवार निवासी पृथ्वी सिंह के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर की गई। उपस्थित सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
बैठक में मंच के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक माह 7 से 10 तारीख के बीच पेंशन भुगतान सुनिश्चित किए जाने के निर्णय की सराहना करते हुए इसके लिए आभार जताया। उनका कहना था कि समय पर पेंशन मिलने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को काफी राहत मिली है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी कई वित्तीय देनदारियां लंबित हैं, जिनका शीघ्र निपटारा होना आवश्यक है।जिला अध्यक्ष चमन पुंडीर ने कहा कि सरकार यह दावा कर रही है कि वर्ष 2016 से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के एरियर का भुगतान कर दिया गया है, लेकिन एचआरटीसी के अनेक पेंशनर्स को अब तक उनकी बकाया राशि प्राप्त नहीं हुई है। इसके अलावा कई परिचालक कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के मामले भी लंबित हैं, जिन्हें जल्द निपटाया जाना चाहिए।बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पूर्व बैठक में अप्रैल और मई माह के 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते की राशि जारी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ है। मंच ने प्रबंधन से इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।मंच ने मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026 तक के लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए 13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने का स्वागत किया और कहा कि इससे कर्मचारियों को राहत मिलनी शुरू हुई है। साथ ही सरकार से आग्रह किया गया कि शेष लंबित भुगतान और कर्मचारियों से किए गए सभी वादों को भी जल्द पूरा किया जाए, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके अधिकार समय पर मिल सकें।
