Shimla, 21 August-हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में सड़क हादसे आम होते जा रहे हैं। समय-समय पर आरटीओ विभाग नाके लगाकर गाड़ियों के दस्तावेजों की जांच करता है और नियम तोड़ने वालों पर चालान भी करता है, लेकिन इसके बावजूद हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
राजधानी शिमला में गुरुवार को आरटीओ अनिल शर्मा की अगुवाई में विशेष नाका अभियान चलाया गया। इस दौरान वाहनों के दस्तावेज जांचे गए और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कई गाड़ियों के चालान भी किए गए। आरटीओ ने बताया कि ऐसे प्रयास समय-समय पर किए जाते हैं ताकि लोग अपने दस्तावेज समय पर अपडेट रखें और यातायात नियमों का पालन करें।उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान चालकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक भी किया जाता है। टिकट न देना, तेज गति से वाहन चलाना, फिटनेस और प्रदूषण से संबंधित गड़बड़ियां, इन सबकी सख्ती से जांच की जाती है। आरटीओ शर्मा ने चेतावनी दी कि गाड़ियों में गैरकानूनी बदलाव, जैसे लाल-नीली बत्तियां लगाना, नियम विरुद्ध है। यह अधिकार केवल प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को है, जबकि इन लाइटों का इस्तेमाल पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों को ही करने की अनुमति है।अनिल शर्मा ने कहा कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा और सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा.
