राहुल चावला, धर्मशाला-:ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) जिला कांगड़ा अहम भूमिका निभा रहा है। मार्च 2010 से धर्मशाला में संचालित आरसेटी अब तक लगभग दस हजार लोगों को विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्रदान कर चुका है। इन प्रशिक्षित युवाओं में से बड़ी संख्या आज सफलतापूर्वक स्वरोजगार कर रही है, जिससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ी है बल्कि दूसरों को भी रोजगार के अवसर मिले हैं।
आरसेटी से अब तक 9960 लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जिनमें से 7078 लोग सेटल हो चुके हैं। इनमें 6105 लोग अपना स्वयं का व्यवसाय चला रहे हैं, जबकि 973 लोग मजदूरी के माध्यम से आजीविका अर्जित कर रहे हैं। खास बात यह है कि 2712 प्रशिक्षित युवाओं ने बैंक लोन लेकर अपना स्वरोजगार शुरू किया, जिसमें पंजाब नेशनल बैंक की ओर से विशेष सहयोग प्रदान किया गया।प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। ब्यूटी पार्लर, जूट बैग निर्माण, लेडीज टेलरिंग, मशरूम उत्पादन और कृषि आधारित ट्रेड्स में महिलाओं का रुझान सबसे अधिक देखने को मिला है। आरसेटी के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार और समाज में योगदान दे रही हैं।आरसेटी की शुरुआत के समय जहां 35 से 40 ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जाता था, वहीं अब केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह संख्या बढ़कर 64 ट्रेड्स तक पहुंच गई है। इससे ग्रामीण युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण लेने के अधिक अवसर मिल रहे हैं।
पीएनबी आरसेटी के निदेशक मदन लाल ने बताया कि संस्थान के माध्यम से प्रशिक्षण लेने वालों में महिलाओं की संख्या लगातार अधिक रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवा आरसेटी के विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण लेकर भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बना सकते हैं।
