चिंतपूर्णी, विकास -: प्रसिद्ध धार्मिक नगरी चिंतपूर्णी में मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। बाबा श्री माईदास सदन के समीप स्थित पार्किंग क्षेत्र में गंभीर रूप से घायल और दर्द से कराह रहे एक बेसहारा बैल का स्थानीय लोगों, मंदिर न्यास कर्मचारियों तथा फायर ब्रिगेड कर्मियों ने संयुक्त प्रयास से सफल रेस्क्यू कर उसकी जान बचाई।
जानकारी के अनुसार, पशु चिकित्सक डॉ. हर्ष ठाकुर को क्षेत्र में एक बैल अत्यंत खराब अवस्था में मिला। बैल के शरीर पर बड़े-बड़े मस्सेनुमा उभार थे, जिनके फट जाने से कई गहरे घाव बन चुके थे। लंबे समय से उचित देखभाल न मिलने के कारण घावों में कीड़े पड़ गए थे, जिससे पशु असहनीय पीड़ा झेल रहा था और उसकी स्थिति लगातार बिगड़ रही थी।बैल की दयनीय हालत देखकर स्थानीय निवासी अजय कुमार, वरुण शर्मा, मंदिर न्यास के कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत सहायता के लिए कदम बढ़ाया। सभी ने मिलकर काफी मेहनत और सावधानी के साथ बैल को सुरक्षित तरीके से काबू में किया, ताकि उसका उपचार किया जा सके।रेस्क्यू के बाद डॉ. हर्ष ठाकुर ने मौके पर ही बैल का उपचार शुरू किया। उन्होंने घावों में मौजूद कीड़ों को निकाला, संक्रमित हिस्सों की सफाई की और आवश्यक दवाइयों व एंटीसेप्टिक उपचार के माध्यम से पशु को राहत प्रदान की। समय पर मिले उपचार से बैल की स्थिति में सुधार देखा गया।डॉ. ठाकुर ने बताया कि यदि यह बैल दोबारा क्षेत्र में दिखाई देता है तो उसकी आगे की ड्रेसिंग और उपचार किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी घायल, बीमार या बेसहारा पशु की जानकारी तुरंत पशुपालन विभाग को दें, ताकि समय रहते उसका उपचार कर बेजुबान जीवों की रक्षा की जा सके।
