हमीरपुर, अरविंद- मानसून के आगमन के साथ ही जिला प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खतरनाक और जर्जर पेड़ों की पहचान कर उनकी कटाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे पेड़, जो घरों, सार्वजनिक भवनों या सड़कों के किनारे खड़े होकर लोगों और वाहनों के लिए खतरा बन चुके हैं, उन्हें नियमानुसार हटाया जाएगा।प्रशासन ने इस कार्य के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है, जिसमें नायब तहसीलदार, वन विभाग के रेंज अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हैं। यदि किसी क्षेत्र में कोई पेड़ दुर्घटना का कारण बन सकता है, तो संबंधित व्यक्ति एसडीएम कार्यालय में आवेदन देकर उसकी जानकारी दे सकता है।
आवेदन प्राप्त होने के बाद समिति मौके का निरीक्षण करेगी और पेड़ की स्थिति का आकलन करेगी। यदि जांच में पेड़ वास्तव में खतरे की श्रेणी में पाया जाता है, तो समिति की रिपोर्ट के आधार पर उसकी कटाई की अनुमति प्रदान की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी पेड़ की कटाई नहीं की जा सकती, इसलिए सभी लोगों से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की अपील की गई है।एसडीएम हमीरपुर संजीत कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण कमजोर पेड़ों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान से बचा जा सके।उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घरों, खेतों या सार्वजनिक मार्गों के आसपास ऐसे पेड़ मौजूद हैं जो कभी भी गिर सकते हैं, वे तुरंत एसडीएम कार्यालय में आवेदन करें। समिति की रिपोर्ट के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए जोखिम वाले पेड़ों को हटाया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मानसून के दौरान संभावित हादसों को रोकना है।
