नूरपुर,संजीव-: मातृ एवं शिशु अस्पताल को लेकर नूरपुर की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अजय महाजन ने भाजपा के पूर्व मंत्री राकेश पठानिया के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विकास कार्य किसी एक व्यक्ति की देन नहीं होते, बल्कि सरकारों और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम होते हैं। उन्होंने पूर्व मंत्री पर परियोजना का राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
अजय महाजन ने कहा कि मातृ एवं शिशु अस्पताल का शिलान्यास उस समय हुआ था, जब प्रदेश में स्वर्गीय वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री, कौल सिंह ठाकुर स्वास्थ्य मंत्री और वे स्वयं नूरपुर के विधायक थे, जबकि केंद्र में जगत प्रकाश नड्डा स्वास्थ्य मंत्री थे। ऐसे में इस परियोजना को आगे बढ़ाने में सभी का योगदान रहा है और कोई भी व्यक्ति अकेले इसका श्रेय नहीं ले सकता।उन्होंने राकेश पठानिया को सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा का प्रयोग करने की नसीहत देते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री की बयानबाजी जनता को गुमराह करने का प्रयास है।महाजन ने कहा कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन विकास कार्य निरंतर चलते रहते हैं। जिस सरकार के कार्यकाल में कोई परियोजना पूरी होती है, उसका श्रेय स्वाभाविक रूप से उसी सरकार को मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दौरान कई परियोजनाओं का शिलान्यास तो हुआ, लेकिन उन्हें समय पर पूरा नहीं किया गया।उन्होंने जसूर बस स्टैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े-बड़े दावे और वित्तीय घोषणाएं की गईं, लेकिन परियोजना आज तक अधूरी है और वहां लगी शिलान्यास पट्टिकाएं अधूरे वादों की याद दिलाती हैं।
पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री अपने कार्यकाल में प्रदेश के कई महत्वपूर्ण मामलों को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से नहीं उठा सके, जिससे अनेक विकास परियोजनाएं प्रभावित हुईं।महाजन ने कहा कि विधायक या सरकार का हिस्सा न होने के बावजूद वे लगातार नूरपुर की जनता के मुद्दे उठाते रहे हैं और प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद भी अधूरी परियोजनाओं को पूरा करवाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब श्रेय की राजनीति नहीं, बल्कि धरातल पर विकास और जनहित के ठोस कार्य देखना चाहती है।
