संजू , धर्मशाला । भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। सुधीर शर्मा के मुताबिक, यह नोटिस पुलिस प्रमुख समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ दिया गया है।
सुधीर शर्मा का आरोप है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है और इसी दौरान विजिलेंस अधिकारियों ने उन्हें जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया। उन्होंने इसे विधानसभा सदस्य के तौर पर उनके विशेषाधिकार का उल्लंघन बताते हुए मानसिक प्रताड़ना का प्रयास करार दिया।
भाजपा विधायक ने कहा कि जिस मामले में जांच चल रही है, वह धर्मशाला में दर्ज है, जबकि उन्हें पूछताछ के लिए शिमला स्थित कार्यालय बुलाया गया। उनका कहना है कि विधानसभा सत्र के दौरान इस तरह से जांच के लिए बुलाना उचित नहीं है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से पूरे मामले का संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने की उम्मीद जताई है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि विधानसभा का सत्र एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया है और इस दौरान किसी विधायक को जांच के नाम पर परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर मानसिक दबाव में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ विजिलेंस में कथित आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा मामला दर्ज है। जांच एजेंसी की ओर से उनकी आय और संपत्तियों के साथ-साथ बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारी की जांच की जा रही है। शेयरों से हुई आय और जमीन की खरीद-फरोख्त समेत विभिन्न वित्तीय गतिविधियां भी जांच के दायरे में बताई जा रही हैं।
सुधीर शर्मा पहले भी इस जांच को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई बताते रहे हैं। वहीं, अब उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन का मुद्दा उठाकर पुलिस और विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।

