मंडी, धर्मवीर-:बाबा बालक नाथ मंदिर पंडोह में आयोजित पांच दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव के तीसरे दिन धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला। नोबल इंटरनेशनल स्कूल के करीब 150 विद्यार्थियों ने महोत्सव में भाग लेकर विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों से मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।महोत्सव के दौरान कई विद्यार्थी भगवान श्रीकृष्ण और राधा की आकर्षक वेशभूषा में सजकर मंदिर पहुंचे। नन्हे बच्चों का यह रूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मंच पर पहुंचते ही राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों का लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भजनों, धार्मिक गीतों और समूह नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।किसी विद्यार्थी ने मधुर भजन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिरस से भर दिया तो किसी ने नृत्य के जरिए भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। बच्चों की मासूम अदाओं, सुंदर वेशभूषा और उत्साहपूर्ण प्रस्तुतियों को देखकर मंदिर में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। अभिभावकों ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए उनकी प्रस्तुतियों की खूब सराहना की।
महोत्सव में प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित नूतन कौशल श्रद्धालुओं को अपने प्रवचनों और भजनों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं एवं उनके जीवन संदेश से अवगत करवा रहे हैं। कथा और भजनों के साथ बच्चों की प्रस्तुतियों ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष ने नोबल इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य प्रीत किरण, अध्यापकों और विद्यार्थियों का जन्माष्टमी महोत्सव में सहभागिता के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि बच्चों की धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागीदारी से उनमें संस्कार विकसित होने के साथ हमारी संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है।मंदिर कमेटी ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। साथ ही 6 सितंबर को आयोजित होने वाले विशाल भंडारे में भी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आग्रह किया गया। स्कूल प्रधानाचार्य प्रीत किरण और अध्यापकों ने भी आयोजन के लिए मंदिर कमेटी का आभार व्यक्त किया।
