हमीरपुर, अरविंद-: जिले के तरोपका गांव में एक घर की रेलिंग में इस्तेमाल की गई पाइपों पर सरकारी मोहर मिलने के बाद मामला जांच के घेरे में आ गया है। पाइपों के सरकारी होने की आशंका के चलते शिकायत विजिलेंस तक पहुंची, जिसके बाद विजिलेंस थाना हमीरपुर की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।जांच के दौरान विजिलेंस अधिकारियों ने जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाया। रेलिंग में इस्तेमाल की गई पाइपों में से कुछ हिस्सों को काटकर सैंपल के रूप में कब्जे में लिया गया है। इन सैंपलों को आगामी तकनीकी जांच के लिए जल शक्ति विभाग को सौंपा गया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि पाइपें वास्तव में सरकारी स्टॉक का हिस्सा हैं या नहीं।
जल शक्ति विभाग हमीरपुर के अधीक्षण अभियंता नीरज भोगल ने बताया कि विजिलेंस की ओर से लिए गए पाइपों के सैंपल विभाग को प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि सैंपलों की जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।उन्होंने बताया कि विजिलेंस से शिकायत मिलने के बाद हमीरपुर डिवीजन में पहुंची पाइपों के उपलब्ध रिकॉर्ड और डाटा की जांच की गई है, जो फिलहाल पूरा पाया गया है। उनके अनुसार संबंधित घर की रेलिंग में करीब 20 से 25 पाइपों का इस्तेमाल हुआ है।अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि यदि रेलिंग में लगी पाइपें सरकारी स्टॉक की हैं तो वे निजी निर्माण कार्य तक कैसे पहुंचीं। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि पाइपें किस डिवीजन से संबंधित हैं और उनका उपयोग निर्धारित सरकारी कार्य के बजाय निजी निर्माण में कैसे हुआ।विजिलेंस और जल शक्ति विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही पाइपों की वास्तविक स्थिति और उनके स्रोत को लेकर तस्वीर साफ होगी। फिलहाल सैंपलों की जांच और विभागीय रिकॉर्ड के मिलान की प्रक्रिया जारी है।

