एमए एडमिशन के लिए अब बीए में संबंधित विषय का बेसिक नॉलेज जरूरी
मंडी/धर्मवीर-:राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे बदलाव अब विश्वविद्यालयों में दिखाई देने लगे हैं। सरदार पटेल यूनिवर्सिटी ने एमए में प्रवेश को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब स्टूडेंट्स उसी विषय में एमए की पढ़ाई कर सकेंगे, जिसकी पढ़ाई उन्होंने बीए के दौरान की होगी। इसके लिए संबंधित विषय में कम से कम 20 क्रेडिट्स हासिल करना अनिवार्य किया गया है।यानी अगर कोई विद्यार्थी बीए के बाद किसी विषय में एमए करना चाहता है, तो उसके लिए जरूरी होगा कि बीए में उसने उस विषय को पढ़ा हो और उसमें निर्धारित 20 क्रेडिट्स पूरे किए हों। 20 क्रेडिट्स नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थी को उस विषय में एमए में प्रवेश नहीं मिल सकेगा।
सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर ललित कुमार अवस्थी ने बताया कि एमए स्तर पर किसी भी विषय की पढ़ाई के लिए विद्यार्थी के पास उस विषय की बुनियादी समझ होना जरूरी है। इसी उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की गई है। विश्वविद्यालय का मानना है कि संबंधित विषय का बेसिक नॉलेज पहले से होने पर विद्यार्थी एमए के पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से समझ सकेगा।दरअसल, पहले ऐसी व्यवस्था थी कि आर्ट्स के कई विषयों में विद्यार्थी बीए में एक विषय पढ़ने के बाद एमए में किसी दूसरे विषय का चुनाव कर सकते थे। यानी स्नातक स्तर पर किसी अन्य विषय की पढ़ाई करने के बावजूद कुछ विषयों में एमए करने का विकल्प उपलब्ध था।अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के विषयों के बीच शैक्षणिक निरंतरता पर जोर दिया गया है। विद्यार्थी जिस विषय में एमए करना चाहता है, बीए में उसी विषय की पर्याप्त पढ़ाई और क्रेडिट्स होना जरूरी होगा।इस बदलाव का सीधा असर एमए में विषय चयन करने वाले विद्यार्थियों पर पड़ेगा। अब उन्हें बीए के दौरान ही अपने आगे के विषय को लेकर योजना बनानी होगी, ताकि एमए में प्रवेश के लिए आवश्यक 20 क्रेडिट्स पूरे किए जा सकें।

