चंबा ,मंजूर पठान -:पूरे हिमाचल प्रदेश में 75वां वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में वन मंडल चुराह के अंतर्गत सलूणी स्थित जवाहर विद्यालय में वन विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को सांपों की विभिन्न प्रजातियों, उनके व्यवहार और सांप के काटने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।वन विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि सांपों को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां और अंधविश्वास प्रचलित हैं। खासकर सांप के काटने के बाद देसी नुस्खों के जरिए जहर उतारने की बात पूरी तरह भ्रामक है। अधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि सांप के काटने की स्थिति में किसी भी तरह के घरेलू उपचार या झाड़-फूंक में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए, बल्कि प्रभावित व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
वन मंडल अधिकारी सुशील कुमार गुलेरिया ने बच्चों को सांपों की पहचान और उनके प्रति सावधानी बरतने के साथ-साथ वन्य जीवों के संरक्षण का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से लोगों में सांपों को लेकर फैले डर और गलत धारणाओं को दूर किया जा सकता है।जवाहर विद्यालय के प्रधानाचार्य मुकेश शर्मा ने वन विभाग की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी हैं। बच्चों को सांपों की प्रजातियों और उनके काटने पर किए जाने वाले सही उपायों की जानकारी मिलने से वे स्वयं भी जागरूक होंगे और समाज में भी सही संदेश पहुंचाएंगे।वहीं, वन मंडल अधिकारी चुराह सुशील कुमार गुलेरिया ने कहा कि वन्य प्राणी सप्ताह के दौरान लोगों, विशेषकर विद्यार्थियों को वन्य जीवों के संरक्षण और सांपों के प्रति सही व्यवहार की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने अपील की कि सांप के काटने पर घबराने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
