Mandi, Dharamveer-30 जून की रात जब मंडी जिले के स्याठी गांव में बादल फटे और मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई, तब एक वफादार कुत्ते की सजगता ने एक परिवार की जान बचा दी। गांव के निवासी ललित कुमार ने बताया कि तेज बारिश के बीच उनका पालतू कुत्ता अचानक जोर-जोर से भौंकने लगा, जिससे उनकी नींद खुल गई।
ललित ने बाहर का हाल देखा तो पाया कि पानी तेजी से घर की ओर बढ़ रहा था। उसने तुरंत कुत्ते को अंदर लाया और पूरे परिवार को लेकर अपने दादा के पुराने मकान की ओर भागा। कुछ ही देर में उनका घर पानी के बहाव में पूरी तरह से बह गया।इस हादसे में कुत्ता भी उसी घर के साथ बह गया, लेकिन चमत्कारिक रूप से अगली सुबह मलबे से जिंदा मिला। ललित ने कहा, “अगर कुत्ता भौंक कर हमें समय रहते न जगाता, तो हम सब उसी घर के साथ बह जाते।”
स्याठी गांव में तबाही का मंजर
धर्मपुर उपमंडल का स्याठी गांव 30 जून की रात आई आपदा में पूरी तरह से तबाह हो गया। गांव के 27 घर पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं, जबकि 11 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। 38 गौशालाएं पूरी तरह बह गई हैं और 12 को नुकसान पहुंचा है।गनीमत रही कि समय रहते गांव के सभी लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए, जिससे कोई जानहानि नहीं हुई। हालांकि, 61 ग्रामीण अब बेघर हो चुके हैं और राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं।ललित कुमार, स्याठी गांव के निवासी का कहना है कि “कुत्ते ने हमें समय पर जगा दिया, वही हमारी जान बचाने वाला फरिश्ता बना।”
