नालागढ़ : जगत सिंह – हिमाचल प्रदेश के किसानों को अब फसलें खराब होने पर परेशान होने की जरूरत नहीं है । अब हिमाचल प्रदेश में भी एक टैक्स कंसल्टेंट द्वारा पुरे सोशल मीडिया पर रिसर्च करने के बाद ड्रैगन फ्रूट की खेती की शुरुआत कर दी गई है । बता दें कि यह पहला शख्स है जिसने हिमाचल प्रदेश में ड्रैगन फ्रूट की खेती एक बीघा में मात्र 300 पौधे लगाकर शुरू की है और पौधों की बुवाई को अभी तीन माह ही पूरे हुए हैं और उसके बाद पौधों को फूल निकलना शुरू हो चुका है और यह पौधे अब 6 माह के भीतर ही फल देना शुरू कर देंगे जिसके चलते अब व्यक्ति को आर्थिक लाभ भी होना शुरू हो जाएगा।
बता दें कि ड्रैगन खेती देश के कई राज्यों में की जाती थी, लेकिन हिमाचल प्रदेश में इस खेती की ओर किसी का ना तो ध्यान गया और ना ही यहां पर इस ड्रैगन फ्रूट की खेती की जाती थी अब रजनीश आगरा नामक एक टैक्स कंसलटेंट द्वारा इस खेती के बारे में पहले सोशल मीडिया पर पूरी सर्च की गई और उसके बाद हरियाणा में जाकर ट्रेनिंग ली गई अब उसने अपने फार्म हाउस में आधा बीघा जमीन में 300 से ज्यादा ड्रैगन खेती के पौधे लगाए हैं और उसे इन पौधों से आर्थिक लाभ भी होना शुरू हो जाएगा।
ड्रैगन फ्रूट पौधों की बुवाई के 3 महीने बाद शुरू हुए निकलने फूल
इस बारे में रजनीश आगरा नामक टैक्स कंसलटेंट ने कहा कि उसने एक पहाड़ी हल्के में 10 बीघा जमीन खरीदी है और उस पर पहले उसने नींबू और अमरूद की खेती की जा रही थी और उसके साथ-साथ उन्होंने यूट्यूब पर सर्च किया तो ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे में उन्हें पता चला तो उन्होंने हरियाणा में जाकर इसकी ट्रेनिंग ली, ट्रेनिंग के बाद दिल्ली के एक बड़े फार्म हाउस से ड्रैगन फ्रूट के 300 पौधे खरीदे और अपने आधा बीघा जमीन पर लगा दिए और अब 3 महीने बाद इन सभी पौधों को फूल उतरना शुरू हो चुका है और आगामी 6 माह में इसमें फल लगने शुरू हो जाएंगे और उन्हें आर्थिक लाभ भी होना शुरू हो जाएगा।
रजनीश ने कहा कि इस पेड़ से 25 सालों तक पैसा कमाया जा सकता है और इस फ्रूट की मार्केट में भी अच्छी कीमत है और इसमें प्रोटीन की क्षमता भी ज्यादा होती है और इससे कई बीमारियों का इलाज भी होता है रजनीश ने कहा कि अगर कोई किसान इसे बड़े स्केल पर शुरू करें तो वह इस ड्रैगन फ्रूट से हर वर्ष 10 लाख से ज्यादा का प्रॉफिट कमा सकता है और उसके कारण किसान की एक तो आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और दूसरी ओर वह अपने घर परिवार का पालन पोषण भी अच्छे ढंग से कर पाएगा और उसे इस कारोबार में नुकसान होने का भी बहुत कम खतरा है और ना ही इस खेती में किसी ज्यादा कीटनाशक दवाइयां का इस्तेमाल की जरूरत पड़ेगी और पानी की भी जरूरत इस पौधे को ना मात्र ही होती है और इन पौधों को पहाड़ी हल्का और प्लेन दोनों में उगाया जा सकता है।
किसानों की भी सुधरेगी आर्थिक स्थिति
रजनीश ने किसानों को इस खेती को करने से पहले ड्रैगन फ्रूट के बारे में ट्रेनिंग लेने और इस खेती को करने के लिए क्या-क्या सावधानियां चाहिए कितनी जमीन चाहिए इस बारे में पूरी जानकारी एकत्रित करने की सलाह दी है और उसके बाद ही वह ड्रैगन फ्रूट की खेती को करें और इस खेती से वह अपनी आर्थिक स्थिति भी मजबूत कर पाएंगे।
